पंजाब कांग्रेस में आर-पार की जंग: राजा वडिंग के खिलाफ चन्नी गुट का खुला विद्रोह
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पंजाब कांग्रेस में आंतरिक कलह अब चुनावी चुनौती से कहीं अधिक बड़ी समस्या बन चुकी है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी दो स्पष्ट गुटों में बंटती नजर आ रही है, जिससे राज्य में कांग्रेस का भविष्य अधर में लटक गया है।

चन्नी के आवास पर शक्ति प्रदर्शन पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित आवास पर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। लगातार दूसरे दिन हुई इस बैठक में पार्टी के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता एकजुट दिखाई दिए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की कार्यशैली और नेतृत्व को चुनौती देना था।

नेतृत्व पर सवाल और जनता का मूड कांग्रेस नेता तरसेम सिंह डीसी ने राजा वडिंग के खिलाफ तीखे शब्द बाण छोड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजा वडिंग के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है क्योंकि जनता उन्हें समर्थन नहीं दे रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी के कार्यकर्ता बदलाव चाहते थे, लेकिन आलाकमान के फैसलों ने कार्यकर्ताओं में गलत संदेश भेजा है। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता चरणजीत सिंह चन्नी को ही अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है।

मनीष तिवारी की नाराजगी से बढ़ी मुश्किल केवल चन्नी गुट ही नहीं, बल्कि चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने भी पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चुनावी समितियों में जगह न मिलने से आहत तिवारी ने सोशल मीडिया पर अपनी असुरक्षा और पार्टी के फैसलों पर निशाना साधा है। 45 वर्षों का अनुभव रखने वाले तिवारी का यह रुख पार्टी के लिए एक बड़ा संकेत है कि सब कुछ ठीक नहीं है।

रंधावा की मुलाकात से बढ़ी अटकलें सियासी गलियारों में इस बात की भी चर्चा तेज है कि पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं। हालांकि इस मुलाकात का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन चुनावी सरगर्मी के बीच इस घटनाक्रम को कई राजनीतिक चश्मों से देखा जा रहा है।

क्या संभल पाएगी कांग्रेस? आगामी विधानसभा चुनाव में 2027 के चेहरे को लेकर चल रही यह लड़ाई कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित हो सकती है। यदि आलाकमान ने जल्द ही डैमेज कंट्रोल शुरू नहीं किया, तो पंजाब में पार्टी का बिखराव अगले चुनाव में भारी हार का कारण बन सकता है। फिलहाल गेंद पार्टी हाईकमान के पाले में है।

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