बारामती में जल संकट का होगा खात्मा: सुनेत्रा पवार ने दिसंबर 2026 तक का दिया अल्टीमेटम
News Image

मुंबई: बारामती शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में जलापूर्ति की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुंबई के विधान भवन में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जलापूर्ति परियोजनाओं को गति देने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।

फेज-2 का काम दिसंबर 2026 तक पूरा करें

बैठक में बारामती शहर और तहसील की कुल 23 जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि बारामती शहर जलापूर्ति योजना के फेज-2 के लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। उन्होंने दिसंबर 2026 की समय सीमा तय करते हुए संबंधित एजेंसियों को काम में तेजी लाने को कहा है।

जलोची और तांदुलवाडी प्रोजेक्ट का तत्काल हस्तांतरण

प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने एमजेपी (महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण) को निर्देश दिए हैं कि जलोची और तांदुलवाडी जलापूर्ति योजना के साथ ही शहर जलापूर्ति योजना फेज-1 के पूर्ण हो चुके कार्यों को तुरंत बारामती नगरपरिषद को हस्तांतरित किया जाए। इससे स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा।

तालाब का रिसाव होगा बंद, आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर

बारामती के मुख्य जल भंडार तालाब में पानी के लीकेज का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सुनेत्रा पवार ने निर्देश दिए कि मरम्मत कार्य को तुरंत शुरू किया जाए, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि इस दौरान नागरिकों की दैनिक जलापूर्ति बाधित न हो। उन्होंने तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाने के आदेश दिए हैं।

ग्रामीण इलाकों पर सरकार का विशेष फोकस

शहर के साथ-साथ बारामती तहसील की 23 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं पर भी इस बैठक में मंथन हुआ। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वीकृत सभी योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य यह है कि हर घर तक शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

जनहित ही सर्वोपरि

सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि जल संरक्षण और वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य भविष्य में जल संकट जैसी स्थितियों को जड़ से समाप्त करना है, ताकि बारामती के नागरिकों को भविष्य में पानी की किल्लत का सामना न करना पड़े।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

भीषण गर्मी में कार के अंदर दम घुटने को मजबूर हुआ बेजुबान, मालिक की घोर लापरवाही पर उबाल

Story 1

बिग बॉस के चक्कर में वर्दी पर कलंक! सब-इंस्पेक्टर ने मांगी शो में एंट्री, अब अफसरों ने थमाया नोटिस

Story 1

वैभव सूर्यवंशी का आयरिश धमाका : डेब्यू मैच में ही टूटने वाले हैं ये 5 ऐतिहासिक रिकॉर्ड!

Story 1

महाराष्ट्र में फिर बिगड़ेगा मौसम: 15 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल

Story 1

बचा लो... : मलबे से आ रही चीखों ने झकझोरा, वेनेजुएला भूकंप की यह तबाही देख दहल जाएगी रूह

Story 1

उधार की पोल, पिता की तस्वीर और अटूट हौसला: जी सिंधुश्री ने तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड, एशियन गेम्स का रास्ता खुला

Story 1

फिलीपींस में 6.7 तीव्रता का जोरदार भूकंप: तबाही के बाद खौफ में लोग

Story 1

वेलकम टू द जंगल रिव्यू: अक्षय कुमार की कॉमेडी का चला जादू, दर्शकों ने पहले ही दिन कह दिया सुपरहिट

Story 1

अंतरिक्ष में भारत का परचम: रायपुर की महिमा राजपूत चुनी गईं अंतरराष्ट्रीय शक्तिसैट मिशन के लिए

Story 1

खुशबू सुंदर की बेटी की शाही शादी: गोवा में सितारों का जमावड़ा, अनिल कपूर और चिरंजीवी ने बढ़ाई रौनक