उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और नागरासू में चल रहे भूमि व धार्मिक स्थल विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। मोहाली से देहरादून की ओर मार्च कर रहे निहंगों के एक बड़े जत्थे को हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर पुलिस ने रोक दिया है। इस कार्रवाई के बाद सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
मोहाली से शुरू हुआ था मार्च आज सुबह मोहाली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह शहीदां से अरदास कर निहंगों का यह जत्था उत्तराखंड के लिए रवाना हुआ था। पारंपरिक पोशाक, घोड़ों और हथियारों के साथ बड़ी संख्या में निहंग देहरादून पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। प्रशासन को भनक लगते ही सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया।
पुलिस से तीखी बहस जैसे ही जत्था उत्तराखंड सीमा पर पहुंचा, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस का स्पष्ट रुख है कि राज्य में कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दी जाएगी। इस दौरान निहंगों और प्रशासन के बीच जमकर बहस भी हुई।
बैठक के बाद भी क्यों मचा बवाल? हैरानी की बात यह है कि इस मार्च से एक दिन पहले ही निहंगों के वरिष्ठ जत्थेदारों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच बैठक हुई थी। उस बैठक में सुलह की उम्मीद जगी थी, लेकिन निहंगों का एक धड़ा उस फैसले से असहमत था। इसी गुट ने जिद पर अड़े रहकर देहरादून कूच करने का निर्णय लिया।
सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को दी चुनौती सीमा पर रोके जाने के बाद, निहंग नेता अजय सिंह निहंग ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, हम केवल दर्शन और शांतिपूर्ण बातचीत के लिए आए हैं। सिख हमेशा दूसरों की रक्षा के लिए जाने जाते हैं, लेकिन आज सरकार ने ही हमारी सुरक्षा और अधिकारों पर चोट की है। यह हमारे धार्मिक अधिकारों का हनन है।
क्या है विवाद की जड़? कर्णप्रयाग और नागरासू में एक भूमि को लेकर सिख संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। सिख समुदाय इस स्थान को ऐतिहासिक महत्व का मानता है, जबकि स्थानीय स्तर पर निर्माण को लेकर विरोध जताया जा रहा है। मामला काफी संवेदनशील है और जिला प्रशासन इसे सुलझाने की कोशिशों में जुटा है।
प्रशासन की पैनी नजर पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। खुफिया तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल, बॉर्डर पर गतिरोध जारी है और अधिकारी जत्थे को वापस भेजने या समझाने की कोशिशों में लगे हैं।
*#WATCH | Regarding the ongoing dispute in Karnaprayag and Nagrasu, a jatha of Nihang organizations (jathebandis) was heading towards Dehradun, Uttarakhand today from Gurdwara Singh Shaheedan located in Mohali. However, the Uttarakhand Police intercepted and stopped them at the… pic.twitter.com/BBtiR7cyxM
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 25, 2026
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