उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या के दौरे पर हैं। राम मंदिर में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सीएम के इस प्रवास के दौरान कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन प्रस्तावित है।
चंपत राय से दूरी, सरकार का सख्त रुख इस दौरे की सबसे बड़ी चर्चा यह है कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से दूर रहेंगे। जिला प्रशासन ने प्रोटोकॉल के तहत ट्रस्ट को संदेश भेजा है कि चंपत राय के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को नामित किया जाए। अयोध्या में पहली बार ऐसा हो रहा है कि मंदिर के किसी बड़े कार्यक्रम में चंपत राय मौजूद नहीं होंगे। इसे चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच सरकार द्वारा बनाई गई दूरी के रूप में देखा जा रहा है।
योगी का आज का विस्तृत कार्यक्रम मुख्यमंत्री दोपहर 3:30 बजे श्री ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर में कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में शामिल होंगे। इसके बाद वे राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ रहे महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मदिन समारोह में शिरकत करेंगे। दौरे के मुख्य आकर्षणों में करीब 10 करोड़ की लागत से तैयार रामायण वैक्स संग्रहालय का उद्घाटन भी शामिल है, जिसमें भगवान राम के जीवन की घटनाओं को मोम की मूर्तियों के जरिए जीवंत किया गया है।
एसआईटी जांच तेज, 100 कर्मचारियों से पूछताछ राम मंदिर चढ़ावे के गबन की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को एसआईटी ने ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा से दान राशि की प्रक्रिया और कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर घंटों पूछताछ की। पिछले तीन दिनों में जांच एजेंसी 100 से अधिक कर्मचारियों के बयान दर्ज कर चुकी है और पिछले 11 महीनों के वित्तीय दस्तावेजों को खंगाल रही है।
सियासी हलचल: अखिलेश और कांग्रेस का हमला इस पूरे मामले पर विपक्ष लगातार हमलावर है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि अयोध्या गलत काम करने वालों के लिए कुरुक्षेत्र साबित होगी। अखिलेश ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट को दैनिक आधार पर सार्वजनिक करने की मांग की है। वहीं, यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने एसआईटी जांच को बेअसर बताते हुए मामले की न्यायिक जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से करवाने की मांग की है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सीएम योगी अपने इस दौरे में एसआईटी जांच को लेकर क्या निर्देश देते हैं और मंदिर ट्रस्ट में मचे इस आंतरिक घमासान पर सरकार का अगला कदम क्या होगा।
*Ayodhya, Uttar Pradesh: On the Ram Mandir donation row, Congress State President Ajay Rai says, ...The SIT has no meaning. The government should immediately get the investigation conducted by a sitting judge of the High Court... pic.twitter.com/D6HbJ6h1Xx
— IANS (@ians_india) June 18, 2026
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