पश्चिम बंगाल का आरजी कर मेडिकल कॉलेज बलात्कार और हत्याकांड एक बार फिर ममता बनर्जी सरकार के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी द्वारा फाइलों को दोबारा खोलने और सबूत मिटाने के आरोपों के बाद, अब टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने अपनी ही पार्टी के पुराने स्टैंड पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीएमसी सांसद का तीखा रुख दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कीर्ति आजाद ने स्पष्ट किया कि मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, जो भी दोषी हैं, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। मैंने कभी इसके उलट बात नहीं की है। आजाद के इस बयान ने पार्टी की आधिकारिक लाइन को बैकफुट पर धकेल दिया है।
कोलकाता पुलिस की जांच पर सवालिया निशान आजाद ने कोलकाता पुलिस की शुरुआती जांच पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आनन-फानन में दो दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंप दी थी, जबकि पीड़िता के साथ हुई बर्बरता के निशान स्पष्ट थे। उन्होंने याद दिलाया कि पीड़िता की खोपड़ी और पैर तक तोड़ दिए गए थे, जिसे पूरी दुनिया ने देखा था। कीर्ति आजाद ने इसे मात्र एक कोशिश नहीं, बल्कि मामले को रफा-दफा करने का प्रयास करार दिया।
सबूत मिटाने का महा-नेटवर्क नए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरदवत मुखर्जी पहले ही दावा कर चुके हैं कि अस्पताल प्रशासन और रसूखदार लोगों के एक बड़े नेटवर्क ने मिलकर घटनास्थन और सबूतों के साथ छेड़छाड़ की थी। अब कीर्ति आजाद के बयानों ने इन आरोपों को और मजबूती दे दी है। यह साफ संकेत है कि टीएमसी के भीतर भी इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश की।
डेढ़ साल बाद भी नहीं थमी तपन अगस्त 2024 की वह खौफनाक रात आज भी बंगाल की राजनीति में एक नासूर बनी हुई है। नए स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पीड़िता के माता-पिता से मुलाकात और फाइलों को दोबारा सीबीआई व सीआईडी को सौंपने का फैसला यह दिखाता है कि अब प्रशासनिक स्तर पर भी इस कथित सिस्टम के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
ममता सरकार की बढ़ती मुश्किलें अपनी ही पार्टी के सांसद कीर्ति आजाद के इस कबूलनामे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह कौन सा शक्तिशाली नेटवर्क था, जिसे बचाने के लिए पुलिस ने पीड़िता के साथ हुए अन्याय को नॉर्मल दिखाने की कोशिश की? क्या अब सचमुच उन चेहरों से नकाब हटेगा जो इतने दिनों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे थे?
*Delhi: On investigations surrounding the R. G. Kar Medical College and Hospital case, TMC MP Kirti Azad says, Yes, absolutely it should be done. Those who are guilty should be punished. I have never said otherwise. The Kolkata Police submitted a report within two days, and it… pic.twitter.com/yK5U1ebBRq
— IANS (@ians_india) June 13, 2026
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