परीक्षा से पहले पुलिस की गाड़ी को क्यों छू रहे छात्र? चीन के वायरल वीडियो ने भारत में छेड़ दी NEET पर नई बहस
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चीन की राष्ट्रीय कॉलेज प्रवेश परीक्षा गाओकाओ (Gaokao) से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में छात्र परीक्षा केंद्र में जाने से पहले पुलिसकर्मियों के बैज और उनकी गाड़ियों को छूते हुए नजर आ रहे हैं।

यह अजीबोगरीब नजारा चीन की एक अनोखी परंपरा को दर्शाता है, जहां छात्र सफलता के लिए अंधविश्वास और आस्था का सहारा लेते हैं।

क्या है 985 और 211 का रहस्य?

वीडियो में छात्र विशेष रूप से उन वाहनों को छूते दिख रहे हैं जिनके नंबर प्लेट पर 985 या 211 लिखा है। चीन में 985 और 211 उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स के प्रतीक हैं।

985 प्रोजेक्ट के तहत देश के टॉप विश्वविद्यालयों को विकसित किया गया था, जबकि 211 का मकसद 21वीं सदी के लिए उच्च शिक्षा को मजबूत करना था। छात्रों का मानना है कि इन नंबरों का स्पर्श उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाएगा। पुलिसकर्मी भी मुस्कुराते हुए छात्रों का उत्साह बढ़ाते नजर आ रहे हैं।

भारत में क्यों छिड़ी बहस?

चीन के इस वीडियो ने भारत में NEET-UG पेपर लीक विवाद को फिर से हवा दे दी है। भारत के सोशल मीडिया यूजर्स अब दोनों देशों की परीक्षा व्यवस्था की तुलना कर रहे हैं।

जहाँ चीन में 1.3 करोड़ छात्र बिना किसी बड़े विवाद के परीक्षा देते हैं, वहीं भारत में NEET-UG में हुई कथित गड़बड़ियों ने 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में डाल दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि चीन इतनी बड़ी संख्या को कैसे सुरक्षित संभाल लेता है।

चीन की किलेबंदी जैसी सुरक्षा

कहा जाता है कि चीन में गाओकाओ परीक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए जाते हैं। प्रश्नपत्र बनाने वाले विशेषज्ञों को महीनों तक कड़ी निगरानी में रखा जाता है।

परीक्षा केंद्रों पर फेस रिकग्निशन, AI आधारित निगरानी और सिग्नल जैमर का इस्तेमाल होता है। इतना ही नहीं, प्रश्नपत्रों को बख्तरबंद गाड़ियों में भेजा जाता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल है, लेकिन चीन की प्रशासनिक सख्ती जगजाहिर है।

भारत में अब क्या है तैयारी?

भारत में NEET-UG विवाद के बाद अब सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर भारी दबाव है। आगामी 21 जून को होने वाली री-एग्जाम के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा खाका तैयार किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा सकती है। साथ ही, केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती को भी बढ़ाया जा रहा है ताकि इस बार किसी भी चूक की गुंजाइश न रहे।

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