चीन की गाओकाओ परीक्षा: क्यों नंबर प्लेट्स को छूकर गुड लक मांग रहे छात्र?
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चीन में दुनिया की सबसे कठिन और बड़ी प्रवेश परीक्षा गाओकाओ (Gaokao) हाल ही में संपन्न हुई है। इस साल करीब 1.29 करोड़ छात्र यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए इस परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों के बाहर एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला, जहां छात्र पुलिस की गाड़ियों और बाइकों की नंबर प्लेट को छूते हुए नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या है 985 और 211 नंबर का रहस्य? छात्रों के इस अजीब व्यवहार के पीछे एक खास मकसद है। चीन में 985 और 211 नंबर बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं। शिक्षा मंत्रालय के वर्गीकरण के अनुसार, 985 प्रोजेक्ट के तहत वे यूनिवर्सिटीज आती हैं जो वर्ल्ड-क्लास हैं, जबकि 211 प्रोजेक्ट चीन की टॉप-टियर यूनिवर्सिटीज को दर्शाता है। छात्रों और उनके अभिभावकों का मानना है कि परीक्षा से पहले इन नंबरों को छूने से उन्हें इन प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला मिलने का गुड लक मिलेगा।

पुलिस खुद कर रही है छात्रों की मदद परीक्षा केंद्रों के बाहर तैनात पुलिसकर्मी न केवल अपनी गाड़ियों और बाइक पर ये नंबर लगाकर खड़े रहे, बल्कि वे खुद भी छात्रों को इन नंबरों को छूने के लिए प्रोत्साहित करते दिखे। सुरक्षा के लिए तैनात कई पुलिसकर्मियों के बैज पर भी यही नंबर लिखे थे, ताकि छात्र उन्हें छूकर अपना आत्मविश्वास और सौभाग्य बढ़ा सकें।

अंधविश्वास और परंपराओं का संगम गाओकाओ के दौरान चीन में कई तरह के टोटके देखने को मिलते हैं। चीन में आमतौर पर 8 अंक को शुभ माना जाता है, लेकिन परीक्षा के दौरान छात्र होटल का ऐसा कमरा चुनते हैं जिसके अंत में 7 हो। इसके पीछे मान्यता है कि चीनी भाषा में 7 का अर्थ ऊपर उठना (सफलता) होता है, जबकि 8 का अर्थ गिरना माना जाता है। वहीं, परीक्षाओं के दौरान माताओं का पारंपरिक कीपाओ (Qipao) ड्रेस पहनकर आना भी एक आम चलन है, जिसे सफलता का प्रतीक माना जाता है।

परीक्षा प्रबंधन पर हो रही चर्चा सोशल मीडिया पर चीन के इस परीक्षा प्रबंधन की जमकर तारीफ हो रही है। बड़ी संख्या में छात्र होने के बावजूद, परीक्षा का इतनी सुचारू और कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न होना सुर्खियां बटोर रहा है। कई लोग भारत में हाल ही में हुए पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए कह रहे हैं कि इतनी बड़ी परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के आयोजित करना भारतीय सिस्टम के लिए सीखने जैसा है।

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