राजनीति की पिच पर खेल रहे दिग्गज अक्सर यह भूल जाते हैं कि उनका अतीत डिजिटल युग में हमेशा जीवंत रहता है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने हाल ही में अपनी ही पार्टी के बागी सांसदों को गद्दार कहकर संबोधित किया, लेकिन यह बयान उनके गले की हड्डी बन गया है।
गद्दार कहने पर घिरे कीर्ति आजाद हाल ही में जब टीएमसी के 20 सांसदों के बगावती तेवरों की चर्चा तेज हुई, तो कीर्ति आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमला बोला। उन्होंने बागी सांसदों से सवाल किया कि उन्हें तकलीफ थी तो चुनाव के बाद क्यों जाहिर की? लेकिन दूसरों पर उंगली उठाने के चक्कर में कीर्ति आजाद खुद जनता के निशाने पर आ गए। सोशल मीडिया पर अब उनसे सवाल पूछा जा रहा है कि क्या उन्होंने कभी खुद के राजनीतिक इतिहास पर नजर डाली है?
26 साल बाद बदली बीजेपी की निष्ठा कीर्ति आजाद का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वे लंबे समय तक (करीब 26 साल) भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के टिकट पर लोकसभा तक का सफर तय किया और सत्ता का सुख भोगा। लेकिन जैसे ही शीर्ष नेतृत्व के साथ मतभेद बढ़े, उन्होंने पार्टी छोड़ने में देर नहीं की।
कांग्रेस से भी सिर्फ दो साल का नाता बीजेपी से अलग होने के बाद कीर्ति आजाद ने साल 2019 में कांग्रेस का हाथ थाम लिया था। उस समय उन्होंने राहुल गांधी की जमकर तारीफ की थी। हालांकि, धनबाद सीट से हार मिलने के बाद जब उन्हें कांग्रेस में अपनी संभावनाएं कम नजर आईं, तो महज दो साल के भीतर ही उन्होंने पार्टी छोड़ दी।
अब टीएमसी में तलाश रहे नया भविष्य फिलहाल कीर्ति आजाद ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं। पिछले पांच सालों से वे खुद को पार्टी का वफादार सिपाही बता रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या बार-बार दल बदलने वाले नेता को दूसरों की निष्ठा पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार है?
राजनीति का सेल्फ गोल कीर्ति आजाद का यह बयान उनके करियर का सबसे बड़ा सेल्फ गोल साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें उनके राजनीतिक अतीत का आइना दिखा रहे हैं। जनता का कहना है कि दूसरों पर कीचड़ उछालने से पहले नेताओं को यह याद रखना चाहिए कि उनकी अपनी राजनीतिक यात्रा कितनी स्थिर रही है। अब देखना यह है कि तीखी आलोचना झेल रहे कीर्ति आजाद इस पर क्या सफाई देते हैं।
*This man, Kirti Azad, himself spent 15 years in the BJP, then 7 years in the Congress, and after that joined the TMC.
— Amit Kumar Sindhi (@AMIT_GUJJU) June 9, 2026
And today, he is calling people who switch parties traitors and saying that they should be ashamed of themselves.
Is there anyone more shameless than him? pic.twitter.com/uNAzaNPsvR
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