पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आया है। 2026 विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) पूरी तरह बिखरती नजर आ रही है। पार्टी में बगावत की आग पंचायत स्तर से शुरू होकर अब संसद तक पहुंच चुकी है, जिससे ममता बनर्जी का सियासी साम्राज्य खतरे में है।
मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर है। टीएमसी के 28 में से करीब 20 लोकसभा सांसदों ने ममता बनर्जी से किनारा कर लिया है। इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई है। वहीं, राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने इस्ताफा दे दिया है। बागी खेमे की कमान काकोली घोष दस्तीदार संभाल रही हैं।
पार्टी की जड़े भी हिल चुकी हैं। दक्षिण 24 परगना में पंचायत सदस्य सरेआम वसूली के पैसे वापस कर रहे हैं, जो पार्टी की गिरती साख को दर्शाता है। कूचबिहार में 8 में से 5 पार्षद कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम समेत 100 से अधिक पार्षदों ने इस्तीफे से राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। विधानसभा में भी स्थिति जुदा नहीं है, जहां 80 में से 60 विधायक बागी गुट के साथ हैं।
इस बगावत का मुख्य कारण पार्टी में अभिषेक बनर्जी का बढ़ता हस्तक्षेप बताया जा रहा है। पुराने वफादार नेताओं का आरोप है कि उन्हें दरकिनार कर पार्टी को केवल अपने करीबी लोगों के इर्द-गिर्द चलाया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से इस कार्यप्रणाली से असंतुष्ट थे, जो अब खुलकर बाहर आ गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की चुप्पी सबसे बड़ा रहस्य बनी हुई है। न तो वे ममता के समर्थन में आए और न ही बागी खेमे के साथ दिखे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगर शॉटगन ने बागी गुट का साथ दिया, तो ममता बनर्जी के लिए इस संकट को संभालना असंभव हो जाएगा।
पार्टी के भीतर तीखी बयानबाजी जारी है। कीर्ति आजाद ने बागी नेताओं को गद्दार करार दिया है। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का कहना है कि पार्टी के पास मां, माटी, मानुष का समर्थन है। हालांकि, दूसरी तरफ बंगाली मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने तंज कसते हुए टीएमसी को एक सर्कस बताया है।
कभी 34 साल के वामपंथी शासन को उखाड़ने वालीं ममता बनर्जी आज अपनी ही पार्टी को बिखरते हुए देख रही हैं। जिस तरह से उनके भरोसेमंद नेता ही उनके खिलाफ खड़े हो गए हैं, उसने तृणमूल कांग्रेस के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले यह बगावत पार्टी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
*#WATCH | Kolkata, West Bengal: Eggs and tomatoes were thrown at former Bidhannagar Municipal Corporation Mayor Sabyasachi Dutta while he was being taken away from the police station
— ANI (@ANI) June 9, 2026
Bidhannagar North Police arrested him following allegations that he demanded one crore rupees… pic.twitter.com/ZEQpaiFysD
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