रूस-पाकिस्तान की नई दोस्ती : सुरक्षा और ड्रग्स तस्करी पर हुए बड़े समझौते
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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बिश्केक बैठक के दौरान रूस और पाकिस्तान ने अपने सुरक्षा संबंधों में एक नया अध्याय लिखा है। दोनों देशों ने सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए दो अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जो क्षेत्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकते हैं।

अवैध प्रवासन पर लगाम की तैयारी

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और रूस के गृह मंत्री व्लादिमीर कोलोकोल्टसेव के बीच हुई बैठक में अवैध प्रवासन (Illegal Migration) को रोकने पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने तय किया है कि वे अवैध रूप से रह रहे नागरिकों की पहचान करेंगे और उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया में एक-दूसरे का पूरा सहयोग करेंगे।

ड्रग्स और तस्करी के खिलाफ साझा मोर्चेबंदी

दोनों देशों के बीच दूसरा बड़ा समझौता मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए हुआ है। रूस और पाकिस्तान ने ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने के लिए खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।

बदलती कूटनीति: रूस से जुड़ता पाकिस्तान

पाकिस्तान अपनी विदेश नीति को विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। ईरान और चीन के साथ संबंधों के बाद, अब रूस के साथ उसकी बढ़ती नजदीकी काफी महत्वपूर्ण है। इससे पहले जुलाई 2025 में कराची स्टील मिल को फिर से शुरू करने के लिए दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था, जिसे रूस की मदद से दोबारा खड़ा किया जा रहा है।

पुतिन का नजरिया और मल्टी-डाइमेंशनल संबंध

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में पाकिस्तान की सराहना करते हुए कहा था कि पाकिस्तान एक बड़ा देश है जिसके कई देशों के साथ बहुआयामी (मल्टी-डाइमेंशनल) संबंध हैं। पुतिन ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस का पाकिस्तान के साथ जुड़ना भारत के साथ उनके संबंधों को प्रभावित करने के बजाय एक स्वतंत्र कूटनीतिक कदम है।

बदले समीकरण: तालिबान के करीब रूस

एक तरफ रूस-पाकिस्तान के संबंध सुधर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के साथ भी सैन्य-तकनीकी समझौता किया है। मई 2026 में हुए इस समझौते के तहत रूस अफगानिस्तान को हथियार और उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम देने के साथ ही अफगान सेना को प्रशिक्षण भी देगा। यह तब हो रहा है, जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर SCO का जोर

बिश्केक में आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री ने ताजिकिस्तान, उजबेकिस्तान, किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के समकक्षों से भी मुलाकात की। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आतंकवाद और सीमा पार अपराधों से निपटने के लिए एक साझा क्षेत्रीय रणनीति तैयार करना है। स्पष्ट है कि एससीओ देश अब सुरक्षा के मोर्चे पर एक व्यापक और अधिक सक्रिय सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं।

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