रावलकोट शवगृह के बाहर से भड़की वो चिंगारी, जिसने पूरे PoK को बारूद के ढेर पर बिठाया!
News Image

पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) से इस समय बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबरें सामने आ रही हैं। क्षेत्र एक सुलगते हुए ज्वालामुखी में तब्दील हो चुका है। सरकार द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और संगीनों के साये के बावजूद हज़ारों की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। मुज़फ़्फ़राबाद और रावलकोट में भड़की इस हिंसा में अब तक दर्जनों लोगों की मौत की सूचना है, जबकि भारी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

शवगृह के बाहर बिछीं लाशें इस खूनी संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब रावलकोट के एक अस्पताल की मोर्चरी के बाहर हज़ारों की भीड़ जमा हो गई। वहां पिछले दिनों पुलिस की गोलीबारी में मारे गए एक सामाजिक कार्यकर्ता का शव रखा था। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थक शव को लेकर प्रदर्शन करने पर अड़ गए। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, झड़प के दौरान हुई अंधाधुंध गोलीबारी में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। अस्पताल की ज़मीन खून से लाल हो गई और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

क्या है 45 सीटों वाला गोपनीय एजेंडा ? इस आक्रोश के पीछे पाकिस्तानी हुकूमत का एक विवादित राजनीतिक फैसला मुख्य कारण बताया जा रहा है। प्रशासन ने PoK की 45 सदस्यीय विधानसभा में से 12 सीटें पाकिस्तान के अन्य हिस्सों के शरणार्थियों के लिए आरक्षित करने का एकतरफा निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस्लामाबाद इस कदम से कश्मीरियों का मूल प्रतिनिधित्व खत्म कर बाहरी लोगों को सत्ता में बिठाना चाहता है। महंगाई, आटे का संकट और बिजली कटौती से जूझ रही जनता के लिए यह फैसला आग में घी का काम कर गया है।

ब्लैकआउट और दमन की रणनीति विद्रोह को कुचलने के लिए पाकिस्तानी हुकूमत ने दमनकारी हथकंडे अपनाए हैं। पूरे PoK में इंटरनेट और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी गई हैं ताकि सच बाहर न आ सके। JAAC के मुख्य कार्यालय सील कर दिए गए हैं और पूरे इलाके में धारा 144 लागू है। JAAC नेता शौकत नवाज मीर ने वीडियो संदेश में सरकार पर बेगुनाह लोगों के नरसंहार का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, मानवाधिकार संगठनों ने इस दमन पर गहरी चिंता जताते हुए फैक्ट-फाइंडिंग टीम भेजने की बात कही है।

गृहयुद्ध की दहलीज पर PoK? आगामी 27 जुलाई को होने वाले चुनावों से ठीक पहले भड़की इस हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी हिलाकर रख दिया है। ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है। इनमें चेतावनी दी गई है कि PoK में हालात गृहयुद्ध जैसे बन सकते हैं और विदेशी नागरिकों की जान को खतरा है। पाकिस्तानी सेना की बर्बरता ने साफ कर दिया है कि वह बंदूक के दम पर नियंत्रण बनाए रखना चाहती है, लेकिन इस बार जनता ने आर-पार की जंग का मन बना लिया है। सवाल यह है कि क्या यह चिंगारी पाकिस्तान के लिए एक अंतहीन संकट की शुरुआत है?

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

टीएमसी में मची बगावत, उद्धव गुट ने साधा निशाना: कहा- जहाज डूबते ही चूहे भागने लगे

Story 1

विराट कोहली बने ई-गेट्स के ब्रांड एंबेसडर, सोशल मीडिया पर छिड़ी मीम्स की जंग

Story 1

119 करोड़ के आशियाने में दीपवीर की दस्तक, बालकनी में दिखा दीपिका का बेबी बंप

Story 1

156 हिरासत में, फिर सिर्फ 78 पर ही क्यों गिरी गाज? पुणे रेव पार्टी पर रोहिणी खड़से का पुलिस पर तीखा हमला

Story 1

टी-20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया का बिगुल: वेस्टइंडीज को 26 रन से रौंदा

Story 1

राजकुमार राव की बड़ी घोषणा: प्रहार - द उज्ज्वल निकम स्टोरी की रिलीज डेट आई सामने

Story 1

बापूजी केक: 7 रुपये की वह मिठास, जिसने बंगाल की दो पीढ़ियों को जोड़ रखा है

Story 1

आसमान में दिखेगा अनोखा नज़ारा: भारत में पहली बार दिखाई दे सकते हैं ऑरोरा

Story 1

साइबर ठगी का शिकार हुए हैं? अब घर बैठे वापस पाएं अपनी डूबी हुई रकम, शुरू हुआ MRM पोर्टल

Story 1

नंदी की विदाई पर अखिलेश का तंज: ‘भ्रष्टाचार का कोटा पूरा होते ही मची भगदड़’