पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय हलचल मची हुई है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) आंतरिक कलह और विद्रोह के दौर से गुजर रही है। 2026 के चुनावों में मिली करारी हार के बाद पार्टी की नींव हिलती दिख रही है। अब यह विद्रोह लोकसभा तक भी पहुँच गया है, जहाँ करीब 20 टीएमसी सांसदों ने एनडीए में शामिल होने के संकेत दिए हैं।
इस सियासी हंगामे के बीच अभिनेत्री से सांसद बनीं जून मालिया का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली जून मालिया का बागी खेमे में शामिल होना पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। हाल ही में शताब्दी रॉय के आवास पर हुई एक गुप्त बैठक में जून की मौजूदगी ने टीएमसी के भीतर जारी दरार को साफ कर दिया है।
24 जून 1970 को कोलकाता में जन्मीं जून मालिया ने 1990 के दशक में बंगाली सिनेमा में कदम रखा था। हठत बृष्टि और द बॉन्ग कनेक्शन जैसी फिल्मों से उन्होंने अपनी पहचान बनाई। राजनीति में आने के बाद उन्होंने मेदिनीपुर जैसी कठिन सीट से जीत हासिल की, जिसे बीजेपी का गढ़ माना जाता था। अपनी मजबूत छवि और स्वतंत्र विचारों के लिए जानी जाने वाली जून अब ममता के खिलाफ खड़ी दिख रही हैं।
राजनीति से इतर जून मालिया की प्रेम कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। 2019 में 49 साल की उम्र में उन्होंने बिजनेसमैन सौरव चैटर्जी से शादी की। यह उनकी दूसरी शादी थी। जून और सौरव की मुलाकात 2003-04 में एक क्रिकेट क्लब में हुई थी।
दोनों उस समय अपने-अपने पिछले रिश्तों और निजी परेशानियों से गुजर रहे थे। जून ने बताया है कि शुरुआत में वे एक-दूसरे को नापसंद करते थे, लेकिन धीरे-धीरे सादगी भरे संवाद और आपसी समझ ने इस रिश्ते को 15 साल लंबे अफेयर में बदल दिया। जून ने स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें कोई कैजुअल रिश्ता नहीं चाहिए—उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान सर्वोपरि था, जिसे सौरव ने बखूबी निभाया।
जून मालिया की जिंदगी हमेशा संघर्षों से भरी रही है—एकल मां के रूप में चुनौतियों का सामना करना, करियर की ऊंचाइयों को छूना और फिर राजनीति में खुद को साबित करना।
विश्लेषकों का मानना है कि जून मालिया का विद्रोही तेवर सिर्फ राजनीतिक असंतोष नहीं है, बल्कि यह उनकी स्वतंत्र जीवनशैली और अपने फैसले खुद लेने की आदत का हिस्सा है। एक महिला के रूप में उन्होंने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी है, चाहे वह 15 साल बाद शादी का फैसला हो या ममता बनर्जी के खिलाफ जाकर बागी गुट में शामिल होने का कदम।
जून का बागी होना ममता बनर्जी के लिए खतरे की घंटी है। मेदिनीपुर में उनकी लोकप्रियता और जुझारू छवि के कारण वह पार्टी के लिए एक मजबूत पिलर थीं। अब जब वह पाला बदलने की तैयारी में हैं, तो टीएमसी का कुनबा और भी तेजी से बिखर सकता है।
फिलहाल, बंगाल की राजनीति में शतरंज की बिसात बिछ चुकी है। जून मालिया का अगला कदम क्या होगा और क्या वह एनडीए का दामन थामेंगी, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा। लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि जून मालिया ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह अपनी जिंदगी और करियर के निर्णय लेने में किसी के दबाव में नहीं रहतीं।
*#MyBestFriendsWedding. An evening of red and blues ... #JuneSourav God bless your togetherness. Whatta party .... Till tomorrow comes. Shadi ho toh aishi !!! Life begins yet again .... pic.twitter.com/lhGJP0EUAl
— Arindam Sil (@silarindam) November 30, 2019
ममता बनर्जी के आवास पर CID का छापा: फर्जी हस्ताक्षर मामले में बढ़ी हलचल
1.90 लाख का इनामी कुख्यात अपराधी ढेर: एसटीएफ की घेराबंदी में खत्म हुआ बबलू का आतंक
भारत ने रचा इतिहास: अफगानिस्तान को रौंदकर टेस्ट क्रिकेट में दर्ज की अपनी सबसे बड़ी जीत
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर क्रैश, दो पायलटों की बची जान
फिलीपींस में महाविनाश: 7.8 तीव्रता के भूकंप से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतें, सुनामी का अलर्ट
PoK में खूनी संघर्ष: शोकसभा में पाकिस्तानी सेना की अंधाधुंध फायरिंग, 27 की मौत
सर्जरी टेबल पर पवन कल्याण की फिल्म: ब्रेन ट्यूमर के दौरान होश में रहीं महिला, डॉक्टरों ने किया हैरान
आईपीएल में नजरअंदाज, मुंबई लीग में मचाया कोहराम: अर्जुन तेंदुलकर ने ऑलराउंड खेल से जीता सबका दिल
ईरान-इजराइल के मिसाइल युद्ध से दहला विश्व: एयरस्पेस बंद, तेल की कीमतें आसमान पर, भारत ने जारी की एडवाइजरी
न्यूयॉर्क के मैदान पर ट्रंप की फजीहत: NBA मैच के दौरान दर्शकों ने जमकर की बू