कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस वीडियो में वे कनकपुरा दौरे के दौरान समर्थकों द्वारा भेंट की गई सेब की माला से फल तोड़कर खाते और फिर उसे भीड़ की ओर उछालते हुए दिखाई दे रहे हैं।
क्या है पूरा मामला? यह घटना कनकपुरा के होराहल्ली गांव की है। वहां डीके शिवकुमार के स्वागत के लिए स्थानीय समर्थकों ने सेब और फूलों की एक विशाल गजमाला तैयार की थी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि शिवकुमार ने माला से एक सेब निकाला, उसका एक हिस्सा खाया और फिर बचा हुआ टुकड़ा उत्साह से भरी भीड़ की तरफ फेंक दिया।
समर्थकों में मची होड़ जैसे ही उपमुख्यमंत्री ने खाया हुआ सेब हवा में उछाला, वहां मौजूद समर्थक उसे लपकने के लिए एक-दूसरे से जूझते नजर आए। समर्थकों के लिए यह शायद नेता के साथ आत्मीयता का पल था, लेकिन इंटरनेट पर इसकी तीखी आलोचना हो रही है।
सामंती सोच या आत्मीयता? सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही बहस छिड़ गई है। आलोचकों ने इस व्यवहार को सामंती और अपमानजनक करार दिया है। एक यूजर ने लिखा, क्या नेता खुद को देवता समझते हैं? आधा खाया हुआ फल भीड़ में फेंकना किस तरह का शिष्टाचार है?
स्वास्थ्य और गरिमा पर उठे सवाल कई लोगों ने इसे स्वास्थ्य के नजरिए से भी गलत बताया है। नेटिजन्स का कहना है कि एक सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार करना शोभा नहीं देता। लोगों ने इसे जुठा फल बांटने की प्रक्रिया बताते हुए इसे बेहद आपत्तिजनक और असभ्य करार दिया है।
फिलहाल, इस वीडियो को लेकर इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया है। जहां एक खेमा इसे नेता और जनता के बीच का जुड़ाव बताकर बचाव कर रहा है, वहीं दूसरा खेमा इसे अहंकार और मर्यादा के उल्लंघन के रूप में देख रहा है। इस मामले पर उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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— Mirror TV (@MirrorTvTelugu) June 9, 2026
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రాచరికపు పోకడలు అంటూ ప్రజల విమర్శలు https://t.co/gdKhQfasbV pic.twitter.com/PkFdbvjYEv
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