UNSC में भारत की खरी-खरी: पाकिस्तान को बताया नाकाम , अफ़गानिस्तान के लिए दोहराया समर्थन
News Image

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अफ़गानिस्तान के हालात पर हुई चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने इस्लामाबाद पर अपनी विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का आरोप लगाते हुए उसे दुनिया को गुमराह न करने की चेतावनी दी।

पाकिस्तान की पुरानी आदत पर प्रहार राजदूत हरीश ने दोटूक शब्दों में कहा कि अपनी नाकामी के लिए पड़ोसियों को दोष देना पाकिस्तान की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा, दुनिया को धोखा देने की यह कोशिश नाकाम होगी। यह बयान तब आया जब पाकिस्तान ने अफ़गानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) और सेक्रेटरी-जनरल की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे।

एयरस्ट्राइक को बताया नरसंहार भारत ने अफ़गानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा की गई कथित एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा की है। हरीश ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और UN चार्टर का खुला उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि रमज़ान जैसे पवित्र महीने में सैन्य कार्रवाई करना और उसे काउंटर-टेररिज्म का नाम देना पाखंड की पराकाष्ठा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्दोषों को मारना या अपाहिज करना आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई नहीं, बल्कि नरसंहार है।

अफ़गानिस्तान के साथ अटूट रिश्ता भारत ने अफ़गानिस्तान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि वे शांति और स्थिरता के पक्ष में मजबूती से खड़े हैं। राजदूत हरीश ने बताया कि भारत अफ़गानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में 500 से अधिक विकास परियोजनाओं पर काम कर रहा है। स्वास्थ्य सेवा से लेकर बुनियादी ढांचे तक, भारत अफ़गान नागरिकों की मदद के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

व्यापारिक आतंकवाद का मुद्दा भारत ने अफ़गान व्यापारियों को व्यापार और पारगमन आतंकवाद (trade and transit terrorism) का शिकार होने का मुद्दा भी उठाया। भारत अफ़गान व्यापारियों को मुफ्त लॉन्ग-टर्म बिजनेस वीजा जारी कर रहा है ताकि वे इस कठिन दौर से उबर सकें।

हिंसा की जवाबदेही पर जोर UNAMA के आंकड़ों का हवाला देते हुए हरीश ने बताया कि साल के शुरुआती तीन महीनों में 372 आम नागरिकों की मौत हुई है। भारत ने जोर देकर कहा कि इन घटनाओं की गहन जांच होनी चाहिए और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। भारत का यह रुख दक्षिण एशिया में पाकिस्तान की आक्रामक नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट संकेत है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

सेवा, सुशासन और विकास के 12 साल: मोदी सरकार के सफर पर राजनाथ सिंह ने कही यह बड़ी बात

Story 1

मुल्लांपुर में ऐतिहासिक प्रहार: भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से रौंदा

Story 1

होर्मुज में दहला मालवाहक जहाज: 24 भारतीय नाविकों की जान पर बन आई, मदद के लिए पुकारी मदद

Story 1

ऋषिकेश में मौत का फ्री-फॉल : बिना रस्सी के हवा में छलांग देख सहम गए लोग, उठाए जा रहे सुरक्षा पर सवाल

Story 1

हाशिम बाबा गैंग का शार्पशूटर गिरफ्तार: दिवाली पर की थी दोहरी हत्या, पुलिस मुठभेड़ में लगा ठिकाने

Story 1

सरकारी जमीन पर कब्जा: टीएमसी सांसद यूसुफ पठान को गुजरात हाईकोर्ट की कड़ी फटकार

Story 1

मॉनसून की रफ्तार बढ़ी: देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश के आसार, जानें दिल्ली और यूपी का हाल

Story 1

फिलीपींस में महाविनाश: 7.8 तीव्रता के भूकंप से ताश के पत्तों की तरह ढहीं इमारतें, सुनामी का अलर्ट

Story 1

प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे किए 12 साल, अब एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर टिकी नजरें

Story 1

वैभव सूर्यवंशी का इंडिया-ए डेब्यू: शानदार शुरुआत, लेकिन फ्लॉप रहा शो