DU प्रोफेसर हत्याकांड: फरारी के दौरान तीन बार बदला हुलिया, 300 CCTV कैमरों ने ऐसे खोला राज
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नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोबोस्मिता पॉल (44) की हत्या के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। प्रोफेसर की हत्या उनके ही किराएदारों ने की थी। यह कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में स्थित प्रोफेसर की प्रॉपर्टी हथियाने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश थी।

प्रॉपर्टी का विवाद बना मौत की वजह आरोपी रामप्रसाद दास (42) और उसकी पत्नी बनीश्री दास (36) प्रोफेसर के पश्चिम बंगाल स्थित घर में किराए पर रहते थे। प्रोफेसर ने उन्हें घर खाली करने के लिए कहा था, लेकिन दंपति ने प्रॉपर्टी पर कब्जा जमाने या उसे कौड़ियों के दाम बेचने का दबाव बनाया। प्रोफेसर के मना करने पर उन्होंने दिल्ली आकर उनकी जान लेने का खौफनाक फैसला लिया।

तीन बार बदली पहचान, पुलिस को चकमा देने की कोशिश पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अत्यधिक सतर्क थे। उन्होंने अपराध के दौरान तीन बार अपने कपड़े बदले—पहली बार होटल में, दूसरी बार क्राइम सीन पर और तीसरी बार नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर। वे हर वक्त मास्क, टोपी और चश्मा पहने रहते थे ताकि CCTV में उनकी पहचान न हो सके।

CCTV का जाल और एक छोटी सी चूक पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए दिल्ली से पश्चिम बंगाल तक के 300 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने आनंद विहार से ऑटो और फिर जनरल टिकट लेकर ट्रेन का सफर किया। अंत में, बनीश्री दास द्वारा गलती से अपना चेहरा दिखाने के बाद पुलिस को उनकी सही पहचान मिल गई।

ट्रेन से उतरते ही चुराया स्कूटर पश्चिम बंगाल पहुंचने के बाद, दंपति ने एक स्थानीय बाजार से एक स्कूटर चुराया ताकि वे बिना किसी शक के घर तक पहुंच सकें। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी के चलते वे पकड़े गए। पुलिस ने उनके नाबालिग बेटे को भी हिरासत में लिया है।

चोरी और नकली नोटों का काला चिट्ठा तलाशी के दौरान, पुलिस को रामप्रसाद के पास से 20 से अधिक कलाई घड़ियां और नकली नोटों का एक बंडल बरामद हुआ। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी का एक आपराधिक इतिहास रहा है, जिसमें ट्रेनों में यात्रियों को लूटना और ठगी करना शामिल है। फिलहाल, दिल्ली पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।

कैसे हुआ खुलासा? 4 जून को जब प्रोफेसर देबोबोस्मिता पॉल से उनके परिवार का संपर्क नहीं हो पाया, तो अधिकारियों को सूचित किया गया। घर पहुंचने पर उनका शव बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आया कि रामप्रसाद ने पहले लकड़ी के डंडे से वार किया और फिर सुनिश्चित करने के लिए रेजर ब्लेड से उनकी नसें काट दीं। अब सभी आरोपी कानून की गिरफ्त में हैं।

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