दिल्ली में भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है। इस स्थिति से आम जनता को राहत दिलाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अभिनव पहल की है। राजधानी में पर्यावरण के अनुकूल बैंबू कूलिंग जोन स्थापित किए जा रहे हैं, जो भीषण तापमान में लोगों के लिए मरहम का काम करेंगे।
क्या हैं बैंबू कूलिंग जोन ? ये कूलिंग जोन पूरी तरह से बांस से तैयार किए गए हैं। बांस का चयन इसलिए किया गया है क्योंकि यह पर्यावरण के लिए सुरक्षित और टिकाऊ है। इन जोन्स का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जिन्हें चिलचिलाती धूप में लंबे समय तक बाहर रहना पड़ता है। यह पहल जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक कदम भी है।
कहां-कहां मिल रही है सुविधा? फिलहाल दिल्ली में दो कूलिंग जोन सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं—एक बवाना में और दूसरा अलीपुर में। स्थानीय लोग बड़े स्तर पर इनका लाभ उठा रहे हैं। सरकार ने तीन और नए जोन बनाने का काम शुरू कर दिया है, जिसमें से एक डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने तैयार किया जा रहा है।
कैसे मिलेगी नेचुरल ठंडक? इन जोन्स को विशेष तकनीक से डिजाइन किया गया है। इसमें खस (वेटिवर) की स्क्रीन का उपयोग किया गया है, जो प्राकृतिक रूप से हवा को ठंडा रखती है। इसके अलावा, इसमें मिस्ट बेस्ड कूलिंग सिस्टम लगा है, जो पानी की महीन फुहारों से तापमान को काफी कम कर देता है। हवा के निरंतर प्रवाह के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि अंदर बैठे लोगों को घुटन न हो।
सिर्फ छांव ही नहीं, मिलेंगी ये सुविधाएं इन कूलिंग जोन्स में सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। यहां आने वाले लोगों के लिए:
किन्हें होगा सबसे ज्यादा फायदा? यह व्यवस्था विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो अपना अधिकांश समय खुले में बिताते हैं। इसमें मजदूर, रिक्शा व ई-रिक्शा चालक, डिलीवरी पार्टनर्स, बुजुर्ग और राहगीर शामिल हैं। भीषण दोपहर में ये लोग यहाँ कुछ देर आराम कर अपनी सेहत को लू के खतरों से सुरक्षित रख सकेंगे।
STORY | Delhi govt to setup eco-friendly bamboo cooling zones in city: CM Gupta
— Press Trust of India (@PTI_News) June 8, 2026
The Delhi government will set up bamboo-based cooling zones in parts of the city to offer relief from the ongoing heatwave in an eco-friendly manner, Chief Minister Rekha Gupta said on Monday.
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