PoK में मातम का मंजर: पाक सेना की फायरिंग में 400 से 500 लोगों की मौत का दावा, दहला इलाका
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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) एक बार फिर भारी रक्तपात का गवाह बना है। नागरिक संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना ने बर्बरता की सभी हदें पार करते हुए अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। स्थानीय नागरिकों के भयावह दावों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।

क्या 400-500 लोगों की हुई मौत?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों के दावों के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 400 से 500 लोगों की जान जाने की बात कही जा रही है। अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो यह क्षेत्र के इतिहास की सबसे दर्दनाक और वीभत्स घटना होगी। इंटरनेट पर सामने आए वीडियो में लोग अपनों को खोने के गम में बिलखते और आजादी की मांग करते नजर आ रहे हैं।

9 जून को रावलकोट में भड़की हिंसा

हिंसा की शुरुआत 9 जून को हुई, जब JAAC पर प्रतिबंध के विरोध में रावलकोट में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया गया था। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पाकिस्तान आर्मी के रेंजर्स ने सीधी गोलीबारी की। शुरुआती खबरों में एक कार्यकर्ता की मौत के बाद स्थिति और भी ज्यादा भड़क गई और देखते ही देखते यह संघर्ष हिंसक झड़प में बदल गया।

प्रशासन का विरोधाभासी बयान

विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, प्रशासनिक अधिकारी अब भी आंकड़ों को कम करके दिखा रहे हैं। पुंछ सेक्टर के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने दावा किया है कि इस हिंसा में 4 पुलिस अधिकारी, 1 राहगीर और मात्र 6 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। वहीं, पुलिस प्रमुख लियाकत मलिक ने बताया कि 23 सुरक्षाकर्मी और 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं, जबकि 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

आखिर क्यों सुलग रहा है PoK?

इस जन-आक्रोश के पीछे केवल एक कारण नहीं है। मुख्य विवाद विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों को लेकर है। 45 सदस्यीय विधानसभा में ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं, जो पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में रहते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर होगा और बाहरी प्रभाव बढ़ेगा।

इसके अतिरिक्त, PoK की जनता लंबे समय से दबे हुए मुद्दों पर मुखर है। बिजली की भारी कटौती, आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण वहां का जनमानस पहले से ही पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लामबंद था। अब सेना की इस गोलीबारी ने वहां के हालात को और अधिक विस्फोटक बना दिया है।

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