रावलाकोट में खूनी संघर्ष पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भयावह हिंसा की आग में जल रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। रावलाकोट शहर में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई भीषण झड़पों में अब तक 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 70 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
कैसे बिगड़े हालात? हिंसा का केंद्र तब बना जब JAAC कार्यकर्ता का शव अस्पताल की मोर्चरी से बाहर लाया गया। कार्यकर्ता की मौत पहले हुई गोलीबारी में हुई थी, जिसके बाद समर्थक आक्रोशित हो गए। सुरक्षा बलों के साथ हुए टकराव में चार पुलिसकर्मी, एक राहगीर और छह प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की वास्तविक संख्या सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।
क्या है विरोध की असली वजह? प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा PoK की विधानसभा में 12 सीटों के आरक्षण को लेकर है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में रहते हैं। JAAC का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, क्षेत्र में बिजली की भारी किल्लत, महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आवाम लंबे समय से अपना हक मांग रही है।
प्रतिबंध और बंद का आह्वान पाकिस्तान सरकार ने JAAC को आतंकवाद-रोधी कानून के तहत प्रतिबंधित कर दिया है। इसके जवाब में संगठन ने 9 जून को पूरे PoK में बंद का आह्वान किया था। विरोध के बीच इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी गई है और बड़ा जमावड़ा करने पर रोक है। संगठन के मुख्य कार्यालय को भी सील कर दिया गया है।
मानवाधिकार आयोग की चेतावनी पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने इस हिंसा पर गहरी चिंता जताई है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध का संवैधानिक अधिकार है और सरकार को बल प्रयोग के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। आयोग ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष टीम भेजने की बात भी कही है।
आगे क्या होगा? 27 जुलाई को होने वाले चुनावों से पहले पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है। JAAC के नेताओं ने साफ कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा। शौकत नवाज मीर जैसे नेताओं ने सरकार पर बल प्रयोग का आरोप लगाया है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है।
The situation in #Rawalakot has reached a critical flashpoint, with violent clashes between security forces and protesters from the Joint Awami Action Committee (JAAC) resulting in significant casualties. 1/@ShafiqAhmadAdv3 pic.twitter.com/4L5XLSsAbM
— Fatima Khan (@bibif4743) June 8, 2026
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