40 साल बाद बांग्लादेश का वैश्विक दबदबा: विदेश मंत्री खलीलुर रहमान बनेंगे संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष
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संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक कूटनीति में बांग्लादेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के लिए अध्यक्ष चुना गया है। यह ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि चार दशक बाद बांग्लादेश को यह प्रतिष्ठित जिम्मेदारी मिली है।

करीबी मुकाबले में दर्ज की जीत न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुए मतदान में खलीलुर रहमान ने साइप्रस के राजदूत एंड्रियास एस. काकौरिस को कड़े मुकाबले में हराया। 193 सदस्य देशों की महासभा में रहमान को 99 वोट मिले, जबकि काकौरिस को 91 वोट प्राप्त हुए। जीत के लिए आवश्यक 96 वोटों के जादुई आंकड़े को पार करते हुए उन्होंने यह पद सुरक्षित किया।

40 साल बाद फिर मिली कमान बांग्लादेश के लिए यह जिम्मेदारी बेहद खास है। इससे पहले 1986-87 में हुमायूं रशीद चौधरी के रूप में बांग्लादेश ने महासभा की अध्यक्षता की थी। अब खलीलुर रहमान, जर्मनी की एनालेना बेरबॉक का स्थान लेंगे। रहमान का कार्यकाल सितंबर 2026 से सितंबर 2027 तक रहेगा।

भारत और विश्व समुदाय ने दी बधाई भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रहमान को जीत पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि भारत साझा प्राथमिकताओं और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए रहमान के साथ निकटता से काम करने को उत्सुक है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने भी इस निर्वाचन का स्वागत करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की है।

चुनौतियों से भरा होगा कार्यकाल UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि रहमान का कूटनीतिक अनुभव इस कठिन समय में संगठन के लिए महत्वपूर्ण होगा। पद संभालने के बाद रहमान ने स्पष्ट किया कि उनके सामने दुनिया भर में जारी युद्ध, मानवीय संकट, मानवाधिकारों का ह्रास और संयुक्त राष्ट्र की वित्तीय स्थिति जैसी बड़ी चुनौतियां हैं।

वैश्विक नीति का केंद्र है UNGA संयुक्त राष्ट्र महासभा का अध्यक्ष पद मुख्य रूप से प्रक्रियात्मक और औपचारिक माना जाता है, लेकिन इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा बहुत अधिक है। यह मंच गरीबी, जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और विकास जैसे अहम मुद्दों पर दुनिया की सामूहिक राय तय करता है। रहमान का नेतृत्व ऐसे समय में होगा जब दुनिया कई बड़े भू-राजनीतिक बदलावों और संघर्षों से गुजर रही है।

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