क्वेटा ट्रेन धमाका: बकरीद की खुशियां मातम में बदलीं, सेना के 299 जवानों को निशाना बनाने की साजिश
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पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में रविवार (24 मई, 2026) को हुआ ट्रेन विस्फोट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गया है। बकरीद की छुट्टियों में घर लौट रहे पाकिस्तानी सेना के जवानों से भरी शटल ट्रेन को एक भीषण फिदायीन हमले का निशाना बनाया गया।

ट्रेन में सवार थे सेना के 299 जवान

प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, इस ट्रेन में कुल 299 सैनिक और अधिकारी सवार थे। इनमें 11 जूनियर कमीशनर अफसर (JCOs), 165 जवान, 15 नॉन-कॉम्बैट बियरर, 109 नए भर्ती हुए सैनिक और सेना के 37 अधिकारियों के परिजन शामिल थे। ये सभी पंजाब प्रांत के रहने वाले थे और पर्व मनाने अपने घरों की ओर जा रहे थे।

सुबह 7:46 बजे हुआ धमाका

पाकिस्तानी समयानुसार रविवार सुबह 7:46 बजे जब यह ट्रेन क्वेटा कैंट स्टेशन पर खड़ी थी, तभी बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने फिदायीन हमला कर दिया। इस धमाके में अब तक कुल 30 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें सेना के 14 जवान शामिल हैं।

शहीद हुए जवानों की पहचान

विस्फोट में जान गंवाने वाले 14 सैनिकों की पहचान सेना के विभिन्न विंग्स से की गई है। इनमें 80 फील्ड आर्टिलरी के सिपाही शायान, 63 मीडियम आर्टिलरी के ओसीयू राशिद, 10 बीआर के हवलदार नदीम, 54 मीडियम आर्टिलरी के एनसीबी दिलदार, 04 एफएफ के लांस नायक नादिर, 02 पीआर के सिपाही सलमान, 09 एलटी कमांडो के सिपाही सत्तार, 02 पीआर के सिपाही कामरान, 31 कैवेलरी के एनसीबी मजहर, 95 ईएमई के साजिद, 176 इन्फैंट्री वर्कशॉप के सीएफएन तस्नीम अब्बास, 25 बीआर के लांस नायक हफीज उल्लाह, 95 ईएमई के सीएफएन रमजान और 50 सिग्नल के लांस हवलदार मोहम्मद बिलाल शामिल हैं।

खुफिया एजेंसियों की नाकामी पर उठे सवाल

यह हमला पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की भारी चूक को दर्शाता है। आतंकी हमलों को रोकने की जिम्मेदारी ISI की डायरेक्टोरेट-सी की है, जिसके प्रमुख मेजर जनरल फैसल नसीर हैं।

आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से फैसल नसीर और उनकी टीम का पूरा ध्यान आंतरिक सुरक्षा के बजाय विदेशों में मौजूद पाकिस्तानी सेना के आलोचकों को चुप कराने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब सुरक्षा एजेंसियां अपना मुख्य काम छोड़कर राजनीतिक विरोधियों को दबाने में लगी रहेंगी, तो देश में ऐसे घातक आतंकी हमलों को रोकना नामुमकिन होगा।

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