कर्नाटक: नदी में सीप ढूंढने गए 8 लोगों की डूबकर दर्दनाक मौत, मुआवजे का ऐलान
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कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक भीषण त्रासदी सामने आई है। शिराली गांव के पास नदी में सीप (मसल) इकट्ठा करने गए आठ लोगों की पानी के तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया है। मृतकों में सात महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं, जो सभी एक ही गांव के रहने वाले थे।

पीएम मोदी और सीएम सिद्धारमैया ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। साथ ही घायलों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे बेहद दर्दनाक त्रासदी बताते हुए राज्य सरकार की तरफ से मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।

आखिर कैसे हुआ हादसा?

स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, ये लोग अक्सर नदी किनारे सीप इकट्ठा करने का काम करते थे। शुरुआत में सभी कम गहरे पानी में थे, लेकिन सीप ढूंढते-ढूंढते वे गहरे पानी की तरफ चले गए। इलाके में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और पानी का तेज बहाव उन्हें अपने साथ बहा ले गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अपनों को डूबता देख जब अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए पानी में कूदे, तो वे भी तेज धारा की चपेट में आ गए।

मृतकों की पहचान और राहत कार्य

स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम ने काफी मशक्कत के बाद 8 शव बाहर निकाले हैं। मृतकों में उमेश मंजुनाथ नाईक (40), लक्ष्मी महादेव नाईक (42), लक्ष्मी जट्टप्पा नाईक (30), लक्ष्मी अप्पण्णा नाईक (60), लक्ष्मी शिवराम नाईक (49), ज्योति मस्तम्मा नाईक (34), मालती नाईक (38) और मस्तम्मा नाईक (60) शामिल हैं।

घटनास्थल पर रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए दो महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन की ओर से अभी भी दो अन्य लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी तलाश जारी है।

अनुभवी होने के बावजूद काल बना बहाव

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण नदी के मिजाज से अच्छी तरह वाकिफ थे, लेकिन बारिश के कारण बढ़े जलस्तर और पानी के वेग का अंदाजा उन्हें नहीं हो सका। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये ग्रामीण बिना किसी सुरक्षा उपकरणों के गहरे पानी में उतरे थे।

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