पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुलडोजर अब एक नया केंद्र बिंदु बन गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक आक्रामक ध्वस्तीकरण अभियान (Demolition Drive) चलाया जा रहा है। सरकार इसे कानून का शासन बता रही है, तो विपक्षी दल टीएमसी इसे बुलडोजर पॉलिटिक्स करार देकर विरोध कर रही है।
तिलजला से शुरू हुआ बुलडोजर का खेला 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद 12 मई को तिलजला में एक चमड़े की फैक्ट्री में भीषण आग लगी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री अवैध थी। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया और 30 घंटे के भीतर बुलडोजर ने फैक्ट्री को जमींदोज कर दिया। इसी घटना के बाद से यह अभियान पूरे राज्य में तेज हो गया।
कोलकाता से हावड़ा तक तबाही का मंजर रविवार को कोलकाता के तिलजला, कस्बा और बेलेघाटा में नगर निगम के नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई कई इमारतों को ढहाया गया। इसमें एक टीएमसी नेता राजू नस्कर से जुड़ी इमारत भी शामिल थी। इससे पहले 16 मई की रात हावड़ा और सियालदेह स्टेशन के बाहर अतिक्रमण हटाने के नाम पर सैकड़ों अस्थायी दुकानों और स्टॉल्स को बुलडोजर से हटा दिया गया।
नंदीग्राम और बर्नपुर: हाई कोर्ट का डंडा 19 मई को नंदीग्राम और बर्नपुर में भी बुलडोजर चले। बर्नपुर में सेल (SAIL) की जमीन पर बने टीएमसी के दो दफ्तरों को गिराया गया, जबकि नंदीग्राम में कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद सिंचाई विभाग की जमीन से अवैध कब्जे हटाए गए। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए गए थे।
ममता बनर्जी का तीखा प्रहार पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक अहंकार बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी पूर्व सूचना के निर्दोष फेरीवालों और आम लोगों के घरों को तोड़ रही है। ममता ने चेतावनी देते हुए कहा, बंगाल कोई बुलडोजर स्टेट नहीं है। टैगोर और नेताजी की इस धरती पर भय के जरिए शासन नहीं किया जा सकता।
हुक्मरानों का तर्क: भ्रष्टाचार पर वार राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पिछली सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार फला-फूला। उन्होंने कहा, नगर निगम और प्रभावशाली नेताओं की मिलीभगत से हुए अवैध निर्माणों को ढहाया जाना बेहद जरूरी है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सियासी भविष्य की अग्निपरीक्षा टीएमी सांसद सयानी घोष ने इसे बंगाल की संस्कृति पर हमला बताते हुए जनता के पाले में गेंद डाल दी है। उन्होंने कहा कि जनता को तय करना होगा कि उन्हें बुलडोजर संस्कृति चाहिए या शांति की संस्कृति । फिलहाल, सड़कों पर चलते बुलडोजर और मलबे में तब्दील होते निर्माणों के बीच बंगाल का सियासी पारा लगातार उफान पर है।
*VIDEO | Howrah, West Bengal: A demolition drive was conducted near Howrah Railway Station area to remove illegal encroachments on Saturday night.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 17, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/lv7NvagNMZ
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