दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई अहम बैठक के बाद भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की एक स्पष्ट तस्वीर सामने आई है। बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों पर भारत का रुख पूरी दुनिया के सामने बेबाकी से रखा।
अमेरिका फर्स्ट की तर्ज पर इंडिया फर्स्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जयशंकर ने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार ट्रंप प्रशासन अमेरिका फर्स्ट की नीति पर काम कर रहा है, उसी प्रकार भारत के लिए इंडिया फर्स्ट सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, हम दोनों ही देश अपने-अपने राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रहे हैं, और इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है।
ऊर्जा सुरक्षा पर दो टूक जवाब रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिकी दबाव को दरकिनार करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए विविधता पर जोर देगा। उन्होंने बिना रूस का नाम लिए संकेत दिया कि भारत सस्ती और भरोसेमंद आपूर्ति के लिए कई स्रोतों का इस्तेमाल करता रहेगा।
जयशंकर ने कहा, हमारी जिम्मेदारी अपने नागरिकों को सस्ती और आसानी से उपलब्ध ऊर्जा मुहैया कराना है। ऊर्जा बाजार को बाजार की ताकतों पर ही छोड़ देना चाहिए। हम सबसे सही कीमत वाले स्रोतों को चुनना जारी रखेंगे।
व्यापारिक समझौते की तैयारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंधों पर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही दोनों देशों के बीच एक दूरगामी व्यापार समझौता होने की उम्मीद है। रुबियो ने बताया कि हाल ही में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा किया था और दोनों पक्ष एक मजबूत आर्थिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
नस्लभेदी टिप्पणियों पर रुबियो की सफाई अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों के खिलाफ हो रही नस्लभेदी टिप्पणियों के सवाल पर रुबियो ने इसे गंभीरता से लेने का वादा किया। उन्होंने कहा कि हर देश में कुछ बेवकूफ लोग होते हैं जो ऐसी हरकतें करते हैं, लेकिन अमेरिका एक स्वागत करने वाला देश है जहाँ दुनिया भर से आने वाले लोगों का सम्मान किया जाता है।
क्वाड का भविष्य और इंडो-पैसिफिक जयशंकर ने क्वाड (QUAD) की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में इसका महत्व और बढ़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि क्वाड की शुरुआत ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुई थी और अब भी यह साझेदारी मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में क्वाड के एजेंडे पर और अधिक स्पष्ट चर्चा देखने को मिलेगी।
यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों के नए अध्याय की शुरुआत है, जहाँ दोनों देश मतभेदों के बावजूद रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
#WATCH | Delhi: At the joint press conference with US Secretary of State Marco Rubio, EAM Dr S Jaishankar says, Where the United States is concerned, the Trump administration has been very forthright in putting forward its foreign policy outlook as America first. Now, where we… pic.twitter.com/wLSLE3AZXV
— ANI (@ANI) May 24, 2026
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