दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका संबंधों के एक नए अध्याय की नींव रखी। दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा करने का संकल्प लिया।
रणनीतिक साझेदारी की अहमियत मार्को रुबियो ने भारत को अमेरिका का अनिवार्य रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियां होने के नाते, हमारे हित आपस में मजबूती से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
H-1B और वीजा नियमों पर क्या बोले रुबियो? वीजा और इमिग्रेशन नीतियों में हुए हालिया बदलावों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए रुबियो ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ये बदलाव किसी विशेष देश के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर लागू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने इमिग्रेशन सिस्टम को आधुनिक बना रहा है क्योंकि अवैध प्रवासियों की बढ़ती संख्या के कारण सिस्टम पर भारी दबाव है। रुबियो ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयों के योगदान की खुलकर तारीफ की और बताया कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। उन्होंने इस साझेदारी को भविष्य में और आगे बढ़ाने की बात कही।
रक्षा और व्यापार में बढ़ेगी रफ्तार विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों ने अपने 10 साल पुराने रक्षा साझेदारी ढांचे को अपडेट किया है। इसके साथ ही, अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस पर एक नए व्यापक रोडमैप के लिए भी सहमति बनी है।
जयशंकर ने मेक इन इंडिया के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए दोनों देश रक्षा क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ तकनीक साझा करेंगे।
व्यापार समझौते की ओर कदम दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतरिम व्यापार समझौते पर भी चर्चा हुई है। यह समझौता भविष्य में एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए आधार का काम करेगा। जयशंकर ने कहा कि इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का भारत दौरा प्रस्तावित है।
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में रक्षा, व्यापार और ऊर्जा जैसे अहम क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के बीच और भी बड़े समझौते देखने को मिलेंगे।
#WATCH | Delhi: On the question of recent changes in J1 visa, F1, H-1B visa, US Secretary of State Marco Rubio says, First of all, I accept the contribution that Indians have made to the U.S. economy. Over $20 billion has been invested in the U.S economy by Indian companies. We… pic.twitter.com/T9Bmp8QFsE
— ANI (@ANI) May 24, 2026
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