ईरान का बड़ा सरेंडर! परमाणु टकराव टालने के लिए ट्रंप के सामने झुका तेहरान
News Image

मध्य-पूर्व के दहकते रणक्षेत्र में एक बड़ी कूटनीतिक हलचल ने पूरी दुनिया को राहत की सांस दी है। परमाणु हथियार बनाने के दहलीज पर खड़ा ईरान अब अपने खतरनाक एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। अमेरिका के साथ गुप्त वार्ता में बनी यह सहमति परमाणु टकराव को रोकने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

पेंटागन का खौफ: बंकर-बस्टर बमों का डर सूत्रों के अनुसार, इस समझौते की पृष्ठभूमि में अमेरिकी सेना का आक्रामक रुख रहा। रिपोर्टों से पता चलता है कि पेंटागन ने ईरान के इस्फ़हान परमाणु केंद्र को नष्ट करने के लिए बंकर-बस्टिंग बमों का एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस परमाणु भंडार को सुरक्षित करने के लिए अमेरिका और इज़राइल के एक संयुक्त कमांडो ऑपरेशन को भी हरी झंडी देने की तैयारी कर ली थी। अमेरिका का स्पष्ट संदेश था—यूरेनियम सौंपो या फिर भीषण सैन्य हमले का सामना करो।

हथियार-ग्रेड यूरेनियम का संकट अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के आंकड़ों के मुताबिक, ईरान के पास 400 किलोग्राम यूरेनियम है, जो 60 प्रतिशत शुद्धता तक एनरिच्ड है। खुफिया एजेंसियों का मानना था कि यह वेपन्स-ग्रेड के करीब था, जिससे ईरान कुछ ही समय में परमाणु बम तैयार कर सकता था। हालांकि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के कड़े रुख के बावजूद, अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य दबाव के आगे तेहरान को आखिरकार झुकना पड़ा।

2015 जैसा फॉर्मूला: क्या बदले में मिलेगी राहत? इस संभावित समझौते का ढांचा साल 2015 के परमाणु करार से मिलता-जुलता है। प्रस्ताव के तहत या तो ईरान अपना यूरेनियम रूस को सौंपेगा या फिर उसकी शुद्धता को इतना कम (Dilute) कर दिया जाएगा कि वह बम बनाने के काम न आ सके। इसके बदले में अमेरिका ईरान की विदेशों में ज़ब्त अरबों डॉलर की संपत्ति को बहाल करने पर विचार कर रहा है।

शांति या सिर्फ एक अस्थायी विराम? यह कूटनीतिक सफलता 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए विनाशकारी हमलों के 12 हफ्तों बाद सामने आई है। आर्थिक प्रतिबंधों में ढील का लालच तेहरान को बातचीत की मेज पर बनाए रखने के लिए काफी है। हालांकि, कूटनीतिक विशेषज्ञ अभी भी आशंकित हैं। दशकों पुराने अविश्वास और कट्टर दुश्मनी के बीच यह समझौता एक स्थायी शांति की शुरुआत है या महज युद्ध के बीच का एक छोटा सा विराम, यह देखना अभी बाकी है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मेट्रो बनी रेन-कोट : पुणे मेट्रो के कोच में टपकने लगा पानी, यात्रियों ने अंदर खोला छाता

Story 1

3000 किलोमीटर दूर से सफल सर्जरी: चीन में बैठे भारतीय डॉक्टर ने हैदराबाद में मरीज को दिया जीवनदान

Story 1

कॉकरोच जनता पार्टी पर सियासी घमासान: बीजेपी बोली- पाकिस्तान से हैं 49% फॉलोअर्स , संस्थापक ने बताया विरोध को दबाने की साजिश

Story 1

श्रेयस अय्यर का शतकीय प्रहार : पंजाब किंग्स ने लखनऊ को 7 विकेट से रौंदा, प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार

Story 1

गाजा में स्वास्थ्य व्यवस्था दम तोड़ रही है: जीवन रक्षक उपकरणों की सप्लाई पर रोक से गहराया संकट

Story 1

AI डीपफेक पर भड़कीं रुक्मिणी वसंत, वायरल तस्वीरों के खिलाफ लीगल एक्शन की चेतावनी

Story 1

श्रेयस अय्यर का तूफानी शतक: पंजाब किंग्स ने लखनऊ को 7 विकेट से रौंदा, प्लेऑफ की दौड़ में फूंकी जान

Story 1

MI vs RR: प्लेऑफ की जंग से पहले मुंबई इंडियंस का बड़ा दांव, दो नए खिलाड़ियों की हुई एंट्री

Story 1

भेलपुरी के साथ बैंक का गोपनीय डेटा: स्ट्रीट फूड पैकिंग में लापरवाही से मच गया हड़कंप

Story 1

मौत के मुंह से दोस्त को खींच लाया फ्लाइंग किक , रोंगटे खड़े कर देगा यह वीडियो