व्हाइट हाउस पर हमला: कौन था नासिर बेस्ट, जिसने ट्रंप के सुरक्षा घेरे को दी चुनौती?
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अमेरिकी सत्ता का केंद्र व्हाइट हाउस शनिवार शाम गोलियों की गूंज से दहल उठा। 21 वर्षीय नासिर बेस्ट ने राष्ट्रपति आवास के पश्चिमी हिस्से के पास अंधाधुंध फायरिंग कर सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दी। सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को ढेर कर दिया।

शाम 6:00 बजे: जब ओवल ऑफिस के पास मंडराया खतरा घटना की शुरुआत वाशिंगटन की 17वीं स्ट्रीट से हुई। शाम करीब 6:10 बजे संदिग्ध नासिर बेस्ट व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स की तरफ बढ़ने लगा। उस वक्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ओवल ऑफिस में ईरान शांति समझौते पर काम कर रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही संदिग्ध हलचल का आभास हुआ, माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बैग से निकाली बंदूक, दागी 30 गोलियां अचानक नासिर बेस्ट ने अपने बैग से हैंडगन निकाली और चेकपॉइंट पर तैनात सुरक्षाबलों पर आग उगलना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते 20 से 30 राउंड गोलियां चलीं। परिसर में मौजूद पत्रकारों और स्टाफ को आनन-फानन में प्रेस ब्रीफिंग रूम में शरण लेनी पड़ी।

सीक्रेट सर्विस की मुस्तैदी और हमलावर का खात्मा सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने बिना समय गंवाए हमलावर को घेरा। सुरक्षा घेरा टूटने से पहले ही उसे गोलियों से छलनी कर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय 21 वर्षीय नासिर बेस्ट की मौत हो गई। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से इस क्रॉसफायरिंग की चपेट में आकर एक राहगीर की भी जान चली गई।

क्या है नासिर बेस्ट का बैकग्राउंड? जांच में सामने आया है कि मैरीलैंड का रहने वाला नासिर बेस्ट मानसिक रूप से अस्थिर था। वह खुद को जीसस क्राइस्ट का अवतार मानता था। सीक्रेट सर्विस के रिकॉर्ड में नासिर का नाम पहले से दर्ज था और उसके खिलाफ व्हाइट हाउस से दूर रहने का आदेश (Stay-Away Order) लागू था। बावजूद इसके, उसने सुरक्षा घेरे में सेंध लगाने की कोशिश की।

राष्ट्रपति सुरक्षित, FBI जांच में जुटी सीक्रेट सर्विस ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं। रिपब्लिकन पार्टी ने सीक्रेट सर्विस की बहादुरी की सराहना की है। वहीं, एफबीआई (FBI) निदेशक काश पटेल ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह घटना 25 अप्रैल को ट्रंप पर हुए हमले के प्रयास के ठीक एक महीने बाद हुई है। भले ही लॉकडाउन हटा लिया गया हो, लेकिन इस वारदात ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि एक पुराना अपराधी सुरक्षा घेरे के इतना करीब कैसे पहुंच गया?

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