क्या ईरान पर हमले की तैयारी में हैं डोनाल्ड ट्रंप? रद दी गई सैन्य अफसरों की छुट्टियां
News Image

वाशिंगटन में हलचल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया फैसलों ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। जहाँ एक तरफ ईरान शांति और समझौते की बात कर रहा है, वहीं अमेरिका की सैन्य गतिविधियां युद्ध की ओर इशारा कर रही हैं। पेंटागन ने सभी वरिष्ठ सैन्य और इंटेलिजेंस अधिकारियों को तत्काल वॉशिंगटन पहुंचने का आदेश दिया है। मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों के लिए रिकॉल रोस्टर लागू कर दिया गया है, जिसका अर्थ है कि वहां मौजूद सैन्य दस्तों को जल्द ही बदला जाएगा।

बेटे की शादी छोड़ वॉर रूम में ट्रंप ट्रंप की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने बेटे डॉन की शादी में शामिल होने का कार्यक्रम भी रद्द कर दिया है। सोशल मीडिया पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार से जुड़े जरूरी कामों के कारण उन्हें वॉशिंगटन में ही रहना होगा। प्रेसिडेंट का इस निजी अवसर को त्यागना सीधे तौर पर किसी बड़े सैन्य अभियान की तैयारी की ओर इशारा कर रहा है।

यूरेनियम पर टिकी ट्रंप की नजर ट्रंप का मानना है कि ईरान युद्ध के कारण कमजोर हो चुका है और इसी स्थिति का लाभ उठाकर वे ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार को खत्म करना चाहते हैं। ट्रंप का तर्क है कि ईरान समझौते के लिए मजबूर है, लेकिन उनकी सैन्य तैयारियां बताती हैं कि यदि कूटनीति विफल रही, तो अमेरिका हमले से पीछे नहीं हटेगा।

मिडिल ईस्ट में अभूतपूर्व तैनाती अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत को कई गुना बढ़ा दिया है। इस क्षेत्र में अब 50,000 अमेरिकी सैनिक और तीन नौसैनिक स्ट्राइक ग्रुप तैनात हैं। इसके अलावा, एयर डिफेंस प्रणालियों की संख्या बढ़ाकर 40 कर दी गई है। सबसे महत्वपूर्ण कदम 500 से ज्यादा अंडरवॉटर ड्रोन की तैनाती है, जिन्हें विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी पनडुब्बियों को निशाना बनाने के लिए भेजा गया है।

कूटनीति में पाकिस्तान की नाकामी ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को कोई खास सफलता नहीं मिली है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गलिबाफ ने साफ कर दिया है कि ईरान अपनी मूल शर्तों से पीछे नहीं हटेगा और यदि हमला हुआ, तो पूरा मिडिल ईस्ट इसकी चपेट में आ जाएगा। मुनीर की नाकामी के बाद अब कतर ने सुलह की पहल की है, लेकिन ट्रंप का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है।

ट्रंप का आक्रामक नक्शा तनाव के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मिडिल ईस्ट का एक नक्शा साझा किया, जिसमें ईरान वाले हिस्से पर अमेरिकी झंडा दिखाया गया है। यह संकेत है कि ट्रंप किसी भी समझौते से पहले ईरान पर पूरी तरह अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह ट्रंप की सोची-समझी रणनीतिक इच्छाशक्ति है या उनके स्वभाव का आक्रामक प्रदर्शन, जो दुनिया को एक और युद्ध की कगार पर खड़ा कर रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

लखनऊ के इकाना में गरजे श्रेयस अय्यर, पंजाब किंग्स की प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार

Story 1

लद्दाख में काल को मात दे मुस्कुराए मेजर जनरल: क्रैश हुए हेलीकॉप्टर के मलबे के साथ सेल्फी वायरल

Story 1

व्हाइट हाउस के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, संदिग्ध ढेर; ट्रंप सुरक्षित

Story 1

व्हाइट हाउस के पास गोलियों की गूंज: सीक्रेट सर्विस ने दो संदिग्धों को किया ढेर

Story 1

मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी दूरदर्शी, भविष्य के लिए बड़े एजेंडे पर काम : मार्को रूबियो

Story 1

13 मैचों का लंबा इंतजार खत्म: लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए अर्जुन तेंदुलकर का धमाकेदार डेब्यू

Story 1

24 मई का मौसम: दिल्ली-राजस्थान में लू का रेड अलर्ट , उत्तर भारत में भीषण गर्मी तो दक्षिण में भारी बारिश

Story 1

भारत में रेड अलर्ट, दुनिया में हाई वोल्टेज: आज सुबह की 10 बड़ी खबरें

Story 1

व्हाइट हाउस के बाहर खूनी खेल: ट्रंप की मीटिंग के दौरान फायरिंग, क्या है ईरान कनेक्शन ?

Story 1

बंगाल में बुलडोजर युग का आगाज़: ममता बनर्जी की पार्टी से छिना ठिकाना, दफ्तर खाली करने का अल्टीमेटम