वेनेजुएला में तख्तापलट की कोशिशों और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब क्यूबा की ओर मुड़ गए हैं। प्रशासन ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति और क्रांति के नायक फिदेल कास्त्रो के भाई, 94 वर्षीय राउल कास्त्रो पर 30 साल पुराने हत्या के मामले में आरोप तय किए हैं। इस कदम को क्यूबा की सत्ता को अस्थिर करने की एक सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
30 साल पुराना मामला क्या है? यह पूरा विवाद 24 फरवरी 1996 की एक घटना से जुड़ा है। उस समय ब्रदर्स टू द रेस्क्यू नामक समूह के दो नागरिक विमानों को क्यूबा के लड़ाकू विमानों ने मार गिराया था। इस हमले में चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें तीन अमेरिकी नागरिक थे। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा के रक्षा मंत्री थे, इसलिए अमेरिका ने उन्हें इस घटना का मुख्य जिम्मेदार ठहराया है।
न्याय या राजनीतिक प्रतिशोध? अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, हमें उम्मीद है कि राउल कास्त्रो अपनी मर्जी से या किसी अन्य तरीके से अदालत में पेश होंगे और जेल जाएंगे। दूसरी ओर, क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। क्यूबा का कहना है कि 1996 की कार्रवाई देश की हवाई सीमा की रक्षा के लिए एक जायज आत्मरक्षा थी और अमेरिका इसे सैन्य आक्रमण के बहाने के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
राउल कास्त्रो: क्यूबा का आयरन मैन राउल कास्त्रो क्यूबा की क्रांति के आखिरी जीवित दिग्गज नेताओं में शुमार हैं। फिदेल कास्त्रो के छोटे भाई होने के नाते उन्होंने क्यूबा की राजनीति पर दशकों तक दबदबा बनाए रखा। CIA के पूर्व विश्लेषक ब्रायन लैटेल के अनुसार, राउल अपने भाई फिदेल से भी अधिक कठोर और क्रूर प्रशासक रहे हैं। हालांकि, राष्ट्रपति रहते हुए उन्होंने आर्थिक सुधारों और अमेरिका के साथ बराक ओबामा के कार्यकाल में संबंधों को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए थे।
क्या बढ़ता तनाव युद्ध की ओर ले जाएगा? विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक कानूनी मामला नहीं है। ट्रंप प्रशासन की बढ़ती सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने कैरेबियन सागर में अपना विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस निमित्ज़ तैनात कर दिया है। यह तैनाती क्यूबा के लिए एक स्पष्ट संदेश है।
क्या अमेरिका इस मामले को आधार बनाकर क्यूबा में सत्ता परिवर्तन की तैयारी कर रहा है? या फिर यह सिर्फ ट्रंप की कूटनीतिक दबाव बनाने की एक शैली है? आने वाले दिन कैरेबियन क्षेत्र में शांति और अस्थिरता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।
Welcome to the Caribbean, Nimitz Carrier Strike Group!
— U.S. Southern Command (@Southcom) May 20, 2026
The aircraft carrier USS Nimitz (CVN 68), the embarked Carrier Air Wing 17 (CVW-17), USS Gridley (DDG 101) and USNS Patuxent (T-AO 201) are the epitome of readiness and presence, unmatched reach and lethality, and strategic… pic.twitter.com/83mfzSIKzd
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