प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हालिया विदेश यात्रा के दौरान इटली पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरे ने न केवल कूटनीति के गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि इटली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले वाइन उद्योग को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
आमतौर पर वाइन का नाम लेते ही लोगों के जहन में फ्रांस का नाम आता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इटली ने सबको पीछे छोड़ दिया है। इटली आज दुनिया का सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, इटली हर साल औसतन 45 से 55 मिलियन हेक्टोलीटर वाइन का उत्पादन करता है।
फ्रांस लंबे समय तक शीर्ष पर रहा, लेकिन हाल के वर्षों में वहां खराब मौसम, ओलावृष्टि और सूखे ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। वहीं, अमेरिका का कैलिफोर्निया राज्य वाइन के लिए मशहूर तो है, लेकिन वहां की उच्च उत्पादन लागत और आधुनिक तकनीक के बावजूद अमेरिका इटली से पीछे है। इटली ने नई तकनीक, सरकारी सहायता और बेहतर फसल प्रबंधन के जरिए इस अंतर को पाट दिया।
इटली की सफलता का राज उसकी जलवायु और अंगूरों की विविधता है। यहां 500 से अधिक अंगूर की प्रजातियां पाई जाती हैं। गर्म दिन और ठंडी रातें अंगूर की गुणवत्ता को बेहतरीन बनाती हैं। परंपरा और आधुनिकता का ऐसा मेल है कि यहां छोटे पारिवारिक फार्म से लेकर बड़े औद्योगिक कारखाने तक, हर स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली वाइन तैयार की जाती है।
इटली के लिए वाइन केवल एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार है। लाखों लोग खेती, पैकेजिंग और पर्यटन से जुड़े हैं। टस्कनी, पीडमोंट और वेनेटो जैसे क्षेत्र वाइन टूरिज्म के बड़े केंद्र बन चुके हैं, जहां हर साल लाखों पर्यटक अंगूर के बागों और वाइन बनाने की प्रक्रिया को देखने पहुंचते हैं।
आज दुनिया के वाइन बाजार में इटली निर्विवाद रूप से नंबर एक है। उसके बाद फ्रांस, स्पेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चिली, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और पुर्तगाल का स्थान आता है। इन सभी देशों में अंगूर की खेती वाइन इंडस्ट्री का मुख्य स्तंभ है।
भारत में भी वाइन के प्रति दीवानगी बढ़ रही है। नासिक को भारत की वाइन राजधानी कहा जाता है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में अंगूर की खेती और वाइन उत्पादन में लगातार सुधार हो रहा है। यद्यपि भारत अभी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पीछे है, लेकिन तकनीक और आधुनिक खेती के दम पर भविष्य में इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं तलाशने की तैयारी है।
निष्कर्ष यह है कि इटली ने मेहनत, पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। ड्रोन, मौसम पूर्वानुमान और बेहतर सिंचाई प्रणालियों ने इटली को वाइन उत्पादन का वैश्विक हब बना दिया है।
Welcome to Rome, my friend! 🇮🇹🇮🇳 pic.twitter.com/mUjFL4HIqY
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 19, 2026
वैभव सूर्यवंशी का अनोखा A सेलिब्रेशन: मैदान पर मचाया धमाल, तो ड्रेसिंग रूम में खोले दिल के राज
भीषण गर्मी से उबल रहा भारत: बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, 260 GW के पार पहुंचा आंकड़ा
IPL मैच में नीट का शोर: बैनर लहराकर NSUI ने NTA को घेरा
रोम में मेलोडी का जलवा: पीएम मोदी के स्वागत में मेलोनी का खास अंदाज, वायरल हुई सेल्फी
‘मेरा ध्यान सिर्फ खेल पर है...’, वैभव सूर्यवंशी के परिपक्व बयान ने जीता फैंस का दिल
मोदी-मेलोनी की मेलोडी केमिस्ट्री: रोम की सड़कों पर सेल्फी से लेकर स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप तक की इनसाइड स्टोरी
मैदान पर वैभव सूर्यवंशी की नटखट हरकत, बीच मैच में उतार दी पतलून!
ट्विशा शर्मा केस: दोबारा पोस्टमार्टम पर फंसा पेंच, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जारी होगा लुकआउट नोटिस
जीत के बाद दुश्मन के मालिक के पैर छुए, क्या वैभव सूर्यवंशी ने ऋषभ पंत की टीम का अहंकार तोड़ा?
रोम की सड़कों पर दिखा Modi-Meloni का जलवा, कोलोसियम में बढ़ी भारत-इटली की दोस्ती