सूरत का उधना रेलवे स्टेशन इस समय प्रवासी मजदूरों के दर्द का केंद्र बना हुआ है। बिहार और उत्तर प्रदेश अपने घर लौटने की चाहत में हजारों लोग स्टेशन पर ऐसे फंसे हैं मानो कोई बड़ा त्योहार हो, लेकिन हकीकत यह है कि यह किसी आपदा से कम नहीं है। 40 डिग्री की भीषण गर्मी में बच्चों और महिलाओं के साथ लोग घंटों कतारों में बिलखते नजर आए।
16 घंटे लंबा इंतजार और बेबसी स्टेशन के बाहर 2 किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं। हजारों प्रवासी श्रमिक पिछले 14 से 16 घंटों से बिना सही भोजन या पानी के खड़े होने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी खराब है कि स्टेशन पर बाथरूम जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। भीषण उमस के बीच कतार में खड़े कम से कम दो यात्री बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे अफरातफरी मच गई।
बैरिकेडिंग टूटी, लाठीचार्ज की नौबत भीड़ जब बेकाबू होने लगी तो कुछ यात्रियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करते देखा जा सकता है। हालांकि, अधिकारी किसी भी प्रकार की भगदड़ से इनकार कर रहे हैं और इसे व्यवस्था भंग करने वालों पर कार्रवाई बता रहे हैं।
अब वापस कभी नहीं आऊंगा... इस भीड़ के बीच से गुजरते एक यात्री की टिप्पणी ने सबकी आंखें नम कर दीं। भारी सामान उठाए घर की ओर भागते हुए उस व्यक्ति ने कैमरे के सामने तल्खी से कहा, अब वापस कभी नहीं आऊंगा। उसकी आवाज में गुस्सा कम और अपनी दयनीय स्थिति के प्रति गहरी हताशा और पीड़ा अधिक थी।
क्यों उमड़ा यह जनसैलाब? इस भारी भीड़ के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला, कारखानों में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होना। दूसरा, एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ी हुई कीमतों का असर। रिपोर्टों के अनुसार, 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की भारी किल्लत और आसमान छूती कीमतों के कारण बहुत से श्रमिक अब शहर में रुकने के बजाय गांव लौटना बेहतर समझ रहे हैं।
रेलवे के दावे बनाम जमीनी हकीकत पश्चिम रेलवे का दावा है कि उन्होंने 21,000 से अधिक यात्रियों को 6 विशेष ट्रेनों के जरिए रवाना किया है और स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों के मुताबिक, केवल कुछ शरारती तत्वों ने माहौल खराब करने की कोशिश की थी। बहरहाल, कागजों पर की गई ये प्री-प्लानिंग स्टेशन पर उमड़ी इस भीड़ और यात्रियों की बदहाली के आगे फीकी पड़ती नजर आ रही है।
अब नहीं आऊंगा दोस्त
— NDTV India (@ndtvindia) April 19, 2026
गुजरात के उधना रेलवे स्टेशन पर गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही अव्यवस्था और भीड़ के हालात सामने आए हैं. हजारों प्रवासी मजदूर गांव लौटने के लिए स्टेशन पहुंचे, जहां उन्हें 14–16 घंटे तक 2 किलोमीटर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा. तेज गर्मी में खाना‑पानी की कमी… pic.twitter.com/luqT9uYhp1
तमिलनाडु चुनाव 2026: स्टालिन का चेन्नई सुपर-6 दांव, वैश्विक शहर बनाने का मेगा ब्लूप्रिंट
भारत-रूस का ऐतिहासिक सैन्य समझौता: अब एक-दूसरे के बेस और बंदरगाहों का कर सकेंगे इस्तेमाल
व्हाइट हाउस में बर्गर का ड्रामा : ट्रंप बोले- राजनीति के लिए शर्मिंदगी भी मंजूर
18 करोड़ का यॉर्कर किंग केकेआर में शामिल: क्या राजस्थान के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे पथिराना?
बंगाल की सड़कों पर पीएम मोदी का सादगी भरा अंदाज: चुनावी रैली के बाद अचानक रुके झालमुड़ी की दुकान पर
पटना में दिनदहाड़े बड़ी वारदात: ज्वैलरी शॉप में घुसे हथियारबंद बदमाश, 20 लाख के जेवर लूटे
वैभव सूर्यवंशी का तूफानी कहर: मुश्किल पिच पर गेंदबाजों का किया बुरा हाल
जिनपिंग को भी ईरान ने दिया धोखा! होर्मुज में चीन का जहाज रोका, क्या अब बदल रहे हैं तेहरान के तेवर?
CSK vs SRH: चेन्नई ने टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी, हैदराबाद की नजरें बड़े स्कोर पर
इजराइल के एक फैसले से मचा वैश्विक बवाल, 16 देशों ने एक साथ खोला मोर्चा