वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) को लेकर अपनी नाराजगी एक बार फिर सार्वजनिक की है। ट्रंप ने नाटो महासचिव मार्क रूट के साथ बंद कमरे में हुई बैठक के बाद सैन्य गठबंधन की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
नाटो ने हमें धोखा दिया ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए लिखा, नाटो हमारे काम तब नहीं आया जब हमें उनकी जरूरत थी, और अगर हमें फिर से उनकी जरूरत पड़ी तो वे तब भी साथ नहीं होंगे। उन्होंने ग्रीनलैंड का जिक्र करते हुए इसे बर्फ का एक टुकड़ा और बदतर तरीके से चलाया जा रहा क्षेत्र करार दिया, जो नाटो के प्रति उनके कड़े नजरिए को दर्शाता है।
ईरान संकट और नाटो से दूरी यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ सीजफायर पर सहमति बनी है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने और गैस की कीमतें बढ़ने के दौरान ट्रंप का मानना था कि नाटो ने अमेरिका का साथ नहीं दिया। हालांकि, नाटो का आर्टिकल 5 कहता है कि एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाता है, जिसे 9/11 के बाद अमेरिका के समर्थन में सक्रिय भी किया गया था। फिर भी, ट्रंप का असंतोष कम नहीं हुआ है।
क्या अमेरिका बाहर निकलने की राह पर है? ट्रंप के इस रुख ने वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2023 में पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में एक कानून पारित किया गया था, जिसके अनुसार नाटो से अलग होने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य है। हालांकि, ट्रंप का दावा रहा है कि उनके पास अकेले निर्णय लेने का अधिकार है।
कूटनीतिक गलियारों में हलचल व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने पुष्टि की है कि ट्रंप प्रशासन ने नाटो से बाहर निकलने की संभावनाओं पर मंथन किया है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नाटो महासचिव रूट के साथ अलग से बैठक कर बोझ साझा करने और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप अपने इस कड़े रुख के जरिए नाटो देशों पर दबाव बनाना चाहते हैं या वे वास्तव में गठबंधन को तोड़ने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं? आने वाले कुछ दिन वैश्विक सुरक्षा और कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
“NATO WASN’T THERE WHEN WE NEEDED THEM, AND THEY WON’T BE THERE IF WE NEED THEM AGAIN. REMEMBER GREENLAND, THAT BIG, POORLY RUN, PIECE OF ICE!!!” - President Donald J. Trump pic.twitter.com/xgEV8P1n4n
— The White House (@WhiteHouse) April 8, 2026
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