पुणे में गुरुवार को महज दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को जलमग्न कर दिया। बारिश का यह वेग इतना प्रचंड था कि 128 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। बेतहाशा बारिश के कारण शहर की रफ्तार थम गई, सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं और एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी।
इतिहास की सबसे भारी अप्रैल बारिश भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के अनुसार, पुणे के शिवाजीनगर में सिर्फ दो घंटे में 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह अप्रैल महीने में 1896 के बाद की सबसे ज्यादा बारिश है, जब तब 51.1 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड बना था। NDA क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर थी, जहाँ 84 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हादसे और तबाही का मंजर कुदरत का यह कहर जानलेवा साबित हुआ। पार्वती इलाके में एक 60 वर्षीय फूल बेचने वाली महिला की पेड़ गिरने से दुखद मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और पेड़ गिरने से यातायात पर बुरा असर पड़ा।
क्यों तालाब बनीं शहर की सड़कें? अचानक हुई इस मूसलाधार बारिश को शहर का ड्रेनेज सिस्टम नहीं झेल पाया। नतीजा यह रहा कि सिंहगढ़ रोड, कात्रज, हडपसर, बानेर और धनकवड़ी जैसे प्रमुख इलाके तालाब बन गए। मुख्य सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही फंस गईं। लोगों को अपने वाहनों को धकेलते हुए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना पड़ा।
हवाई सेवा और यातायात पर असर बारिश का असर हवाई यातायात पर भी साफ दिखा। खराब मौसम के चलते इंडिगो की अहमदाबाद-पुणे फ्लाइट को गोवा की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, सोलापुर हाईवे और मगरपट्टा रोड पर घंटों तक भारी जाम लगा रहा। घंटों तक शहर की लाइफलाइन पूरी तरह चरमराई रही।
मौसम का आगे का हाल मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर से आई नमी और हवा के अचानक बदले रुख के कारण इतने कम समय में भारी बारिश हुई। हालांकि, IMD ने राहत की खबर दी है कि 3 अप्रैल के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। तापमान 20°C से 35°C के बीच रहने का अनुमान है।
फिलहाल, प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि आने वाले दिनों में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। यह घटना शहर के बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर गई है।
*🚨 JUST IN: More footage emerging from Pune’s Kothrud area as heavy rain continues to impact normal life.
— Dhanjiv Pandey (@Dhanjivpandey) April 2, 2026
Waterlogging is worsening, traffic is disrupted, and conditions remain challenging across the area. 🌧️⚠️#PuneRain #Kothrud #Pune #WeatherUpdate #TrafficAlert https://t.co/lYlwQbct7d pic.twitter.com/snXuZf6HHN
रॉकेट हमले में भी बाल-बाल बची टेस्ला, कांच की छत ने बचाई जान!
धरती पर कयामत का मंजर! सुर्ख लाल हुआ आसमान, नज़ारा देख लोग बोले- क्या हम मंगल ग्रह पर पहुंच गए?
अमित शाह का 15 दिवसीय बंगाल प्रवास बना राजनीतिक पर्यटन , TMC ने मछली-भात के बहाने कसा तंज
संतरे बेचने का ये कैसा अतरंगी तरीका? वीडियो देख लोग बोले- भाई, ये क्या कर रहा है!
IPL 2026: सनराइजर्स हैदराबाद की दमदार वापसी, KKR को 65 रनों से रौंदा
रालोजपा में बड़ा फेरबदल: चंदन सिंह बने बिहार अध्यक्ष, पारस की नई मास्टरस्ट्रोक रणनीति
रिंकू सिंह का सुपरमैन अवतार: तोड़ा आंद्रे रसेल का बड़ा रिकॉर्ड
फिर बदला मौसम का मिजाज: दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का अलर्ट
IPL 2026: एक समय लड़खड़ाई SRH, फिर क्लासेन-रेड्डी के प्रहार से कोलकाता को मिला 227 रनों का लक्ष्य
बंगाल चुनाव: भीड़ में खो गई चप्पल, फिर नंगे पैर नामांकन कराने पहुंचीं टीएमसी सांसद