18 करोड़ का फ़ार्महाउस, खौफ का साम्राज्य और हाई-प्रोफाइल साजिश: कौन है ढोंगी बाबा अशोक खरात?
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नासिक के सिन्नर तालुका का मिरगाँव इन दिनों एक ऐसे काले अध्याय की वजह से चर्चा में है, जिसने आध्यात्म के नाम पर महिलाओं के शोषण की क्रूरता को सामने ला दिया है। शिवनिका संस्थान की आड़ में अशोक खरात नाम का व्यक्ति महिलाओं को धार्मिक अनुष्ठानों के जाल में फंसाकर उनका यौन शोषण कर रहा था।

पाखंड का जाल और डर का साया मिरगाँव के निवासियों के अनुसार, खरात खुद को एक भविष्यवक्ता और गुरु के रूप में पेश करता था। उसने 17-18 एकड़ जमीन खरीदकर ईशान्येश्वर महादेव का भव्य मंदिर बनवाया, जिससे लोगों की भीड़ जुटने लगी। लेकिन पर्दे के पीछे वह चिंचोका और पत्थरों को लाखों में बेचकर लोगों को ठगता था। नकली सांप और बाघ का डर दिखाकर वह भक्तों को मानसिक रूप से गुलाम बना लेता था।

धमकी का खौफ: पति मर जाएगा अशोक खरात का शिकार बनी महिलाओं ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई है, वह रूह कंपा देने वाली है। वह महिलाओं को विश्वास में लेता, फिर धार्मिक विधि और वैवाहिक बाधाओं को दूर करने के नाम पर उनसे अश्लील हरकतें करता। अगर वे विरोध करतीं, तो उन्हें धमकाया जाता कि अगर किसी को बताया तो पति की मौत हो जाएगी या बच्चों का बुरा होगा।

राजनीतिक रसूख और 40 करोड़ की संपत्ति खरात के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे सरकारी योजनाओं से भरपूर मदद मिली। सरकार ने उसके संस्थान को दूर बांध से पीने का पानी उपलब्ध कराने का आदेश दिया था और मंदिर विकास के नाम पर करोड़ों रुपये मंजूर किए गए। जांच में सामने आया है कि खरात के पास 40 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है और उसका उठना-बैठना बड़े नेताओं और उद्योगपतियों के साथ था।

रूपाली चाकणकर का इस्तीफा इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है। आरोपी खरात के साथ तस्वीरें वायरल होने के बाद, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि चूंकि उनका संबंध उस व्यक्ति से था जिसने महिलाओं को प्रताड़ित किया, इसलिए इस्तीफा न्याय के हित में था।

एसआईटी जांच और आगे की चुनौतियां फिलहाल खरात को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में खुलासा किया कि पुलिस को 8 महिलाओं के 35 ऐसे वीडियो मिले हैं, जो उसके काले कारनामों की पुष्टि करते हैं। मामले की जांच अब एसआईटी कर रही है। हालांकि, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति का आरोप है कि जादूटोना विरोधी कानून का पालन और प्रचार सरकारी स्तर पर कमजोर है, जिसके कारण ऐसे ढोंगी बाबा फल-फूल रहे हैं।

फिलहाल मिरगाँव के लोग खौफ में हैं। उन्हें डर है कि अगर खरात जेल से बाहर आया, तो वह बदला ले सकता है। गांववालों की एकमात्र मांग है कि उसे ऐसी सजा मिले कि दोबारा कोई ढोंगी इस तरह के घिनौने कृत्य की हिम्मत न कर सके।

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