स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान का बड़ा ऐलान: भारत समेत 5 देशों के जहाजों को मिलेगा सुरक्षित रास्ता
News Image

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि भारत समेत पांच मित्र देशों के जहाजों के लिए यह रास्ता पूरी तरह खुला रहेगा।

किसे मिली सुरक्षित मार्ग की अनुमति? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, मित्र देशों के लिए होर्मुज का रास्ता बंद नहीं किया गया है। जिन देशों को विशेष अनुमति दी गई है, उनमें भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान शामिल हैं। अराघची ने कहा कि इन देशों ने ईरान के साथ तालमेल बिठाया है और उनके जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है।

दुश्मनों के लिए बंद रहेंगे रास्ते अराघची ने दोटूक कहा कि ईरान अभी युद्ध की स्थिति में है, इसलिए वह अपने दुश्मनों या उनके सहयोगियों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने देने का कोई कारण नहीं देखता। उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज का रास्ता केवल उन्हीं देशों के लिए बाधित है जिन्हें ईरान अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। अन्य देशों के अनुरोध पर ईरान ने अपनी सेना के जरिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया है।

अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की औपचारिक वार्ता की संभावना को खारिज कर दिया है। अराघची ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए होने वाला संदेशों का आदान-प्रदान कूटनीति नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है।

ईरान की शर्तों पर ही होगा समाधान ईरान का रुख स्पष्ट है—वह युद्ध को लंबा खींचना नहीं चाहता, लेकिन संघर्ष का अंत भी अपनी शर्तों पर ही करेगा। इन शर्तों में भविष्य में हमलों की गारंटी और युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई मुख्य रूप से शामिल है। अराघची ने कहा कि ईरान एक स्थायी समाधान की ओर देख रहा है।

भारत के लिए क्यों है यह जरूरी? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रहना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। भारत अपनी जरूरत का कच्चा तेल और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है। रोजाना करीब 2.5 से 2.7 मिलियन बैरल तेल और गैस इसी रूट से भारत तक पहुंचते हैं।

ईरान के इस ऐलान के बाद भारत में तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहेगी। इससे एलपीजी की किल्लत की आशंकाओं पर विराम लगेगा और ईंधन की कीमतों में अचानक उछाल आने का खतरा भी कम हो जाएगा।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

मौसम का मिजाज: देश के 22 राज्यों में फिर लौटेगी ठंड, IMD का हाई अलर्ट

Story 1

नागपुर में पेट्रोल संकट की झूठी अफवाह: पंपों पर मची भगदड़, प्रशासन ने दी चेतावनी

Story 1

IPL 2026: विराट कोहली बने थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट , RCB के कैंप में दिखा नया अवतार

Story 1

Jio को टक्कर देने आया BSNL का धाकड़ Spark Plan , 399 रुपये में 3300GB डेटा का धमाका

Story 1

CAG रिपोर्ट ने खोली शीश महल की पोल: दिल्ली सरकार के करोड़ों के खर्च पर सियासी घमासान

Story 1

रिंकू सिंह का बड़ा कदम: सरकारी नौकरी मिलने पर CM योगी का जताया आभार, बोले- जल्द लूंगा आशीर्वाद

Story 1

जिसे जो प्रिय, वो उसी के लिए काम करता है : मंदिरों और कब्रिस्तान के मुद्दे पर CM योगी का बड़ा प्रहार

Story 1

प्रयागराज का अनोखा शक्तिपीठ: जहां मूर्ति नहीं, दिव्य झूले की होती है पूजा

Story 1

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेविड वॉर्नर का फूटा गुस्सा, पाकिस्तानी कप्तानों को कहा स्कूली बच्चे

Story 1

आंध्र प्रदेश: बजरी लदे ट्रक से टकराकर अग्निगोला बनी बस, 10 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत