सातारा में फडणवीस का मास्टरस्ट्रोक : मात्र एक वोट से पलटी बाजी, पहली बार भाजपा का खिला कमल
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महाराष्ट्र के सातारा जिला परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक रोमांचक और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वर्षों से शरद पवार गुट के दबदबे वाले इस जिले में भाजपा ने पहली बार अपनी सत्ता स्थापित कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

फडणवीस की बिसात और खेला भाजपा के पास जिला परिषद में केवल 28 सदस्य थे, जो बहुमत के आंकड़े से काफी दूर थे। लेकिन उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की रणनीतिक कूटनीति और सार्वजनिक निर्माण मंत्री छत्रपति शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की सक्रियता ने पूरा समीकरण ही बदल दिया। इस जोड़ी ने जोड़-तोड़ की बिसात बिछाते हुए अंततः 33 सदस्यों का समर्थन जुटा लिया।

महायुति और शरद गुट की जुगलबंदी फेल इस चुनाव को जीतने के लिए शिंदे गुट के मंत्री शंभूराजे देसाई और मकरंद पाटिल ने राकां (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे के साथ हाथ मिला लिया था। इन दिग्गजों का एकमात्र लक्ष्य भाजपा को सत्ता से दूर रखना था, लेकिन फडणवीस की रणनीति के आगे यह गठबंधन नाकाम साबित हुआ।

एक वोट का रोमांचक फैसला अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला बेहद कांटे का रहा। भाजपा की प्रिया शिंदे को 33 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी राकां उम्मीदवार मनीषा फडतरे को 32 वोट ही मिल सके। महज एक वोट के अंतर से भाजपा ने यह ऐतिहासिक जीत हासिल की। वहीं, राजू भोसले को 33 मतों के साथ उपाध्यक्ष चुना गया।

विकास का नया अध्याय: जयकुमार गोरे जीत के बाद भाजपा नेता जयकुमार गोरे ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रिया शिंदे और उपाध्यक्ष राजू भोसले को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर विश्वास जताते हुए कहा कि प्रिया और राजू के दूरदर्शी नेतृत्व में सातारा जिला विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और जन-केंद्रित कार्यों को नई गति मिलेगी।

दिग्गजों की मौजूदगी में जश्न इस जीत के अवसर पर सातारा में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा लगा। इस दौरान सांसद रणजीतसिंह नाइक निंबालकर, विधायक डॉ. अतुल भोसले, पूर्व विधायक डॉ. दिलीपरावजी येलगांवकर और मनोज घोरपड़े समेत कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस जीत ने साफ कर दिया है कि सातारा की राजनीति में अब भाजपा एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है।

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