उत्तराखंड में कुदरत का कहर: बादल फटने से तबाही, कई लापता, एक की मौत
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उत्तराखंड में एक बार फिर प्रकृति का विकराल रूप देखने को मिला है। पूरा प्रदेश इस समय आपदा की मार झेल रहा है। उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी के बाद अब रुद्रप्रयाग भी आपदा की चपेट में आ गया है।

देर रात भारी बारिश के बाद अतिवृष्टि से जगह-जगह तहस नहस हो गया है, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। रुद्रप्रयाग और टिहरी में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है।

रुद्रप्रयाग के जखोली ब्लॉक के छेनागाड़, बांगर सहित कई जगहों पर भारी नुकसान हुआ है। छेनागाड़ डुगर और जौला बड़ेथ गांव में कुछ लोगों के लापता होने की खबर है। किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा में दब गए। अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बह गया।

रुद्रप्रयाग के स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन बहने की सूचना है। यहां बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया है।

रुद्रप्रयाग के टेंडवाल गांव में मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। 18 से 20 लोग यहां लापता बताए जा रहे हैं।

चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में भी बादल फटा है। मोपाटा में रहने वाले तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता बताए जा रहे हैं। विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। इनके आवास और गोशाला के मलबे में दबने की सूचना है। इसमें 15 से 20 जानवर भी मलबे में दबने की सूचना है।

चमोली की देवाल तहसील के मोपाटा में दो लापता लोगों के शव निकाल लिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में किए जा रहे राहत कार्यों की जानकारी दी।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव पर भी बादल फटा है। हालांकि यहां किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है।

टिहरी में बारिश का कहर लगातार जारी है। बूढ़ा केदार क्षेत्र से भारी नुकसान की खबर है, कई घरों में पानी और मलबा घुस जाने से भारी नुकसान हुआ है। लगातार हो रही बारिश के कारण बालगंगा, धर्मगंगा और भिलंगना नदियां उफान पर हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

रुद्रप्रयाग के बसुकेदार में एसडीआरएफ रेस्क्यू टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंच चुकी है। मौके पर लगभग 200 लोग सरकारी स्कूल सुरक्षित स्थान पर आ गए हैं। गदेरे के पार दो तीन परिवार फंसे हैं जिन्हें SDRF टीम द्वारा निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन, SDRF व DDRF की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई है, जो राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

श्रीनगर गढ़वाल में मां धारी देवी के मंदिर के पास अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। उत्तरकाशी के भटवाड़ी के पापड़ गाड़ के पास गंगा भागीरथी में झील बन गई है। देर रात पापड़ गाड़ में मलबा और बोल्डर आने से भागीरथी का प्रवाह रुका हुआ है। भटवाड़ी सहित नदी से लगते हुए क्षेत्रो में अलर्ट रहने निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक कर यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे।

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