बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली एम्स रेफर किया गया। वे बुधवार रात दिल्ली पहुंचे।
उन्हें शाम 4 बजे तक दिल्ली की फ्लाइट लेनी थी, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्हें पटना के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उनका शुगर लेवल हाई पाया गया।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लालू यादव दिल के रोगों से भी ग्रसित हैं। उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली लाया गया है।
पहले भी कई बार लालू यादव की तबीयत बिगड़ चुकी है। 2022 में उनकी किडनी डैमेज हो गई थी और केवल 25% ही काम कर रही थी। डॉक्टरों ने उन्हें किडनी ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह दी थी। उसी साल दिसंबर में सिंगापुर में उनकी सर्जरी हुई थी। इस समय वह हाई शुगर की समस्या से परेशान हैं।
लालू यादव लंबे समय से शुगर की बीमारी से जूझ रहे हैं। शुगर के स्तर का ऊपर-नीचे होने से मरीज की तबीयत बिगड़ सकती है। इस बार उनका शुगर लेवल बहुत ज्यादा बढ़ गया है। बढ़े हुए शुगर का असर शरीर पर पड़ सकता है, खासकर दिल, किडनी और आंखों पर।
शुगर स्पाइक का मतलब है शरीर में ग्लूकोज की मात्रा अचानक बढ़ जाना। यह मेडिकल स्थिति डायबिटीज रोगियों के साथ होती है और लालू यादव भी इस समस्या से पीड़ित हैं।
शुगर स्पाइक होने के संकेत:
इसके अलावा, सिरदर्द, तनाव और चिड़चिड़ापन भी इसके कुछ संकेत होते हैं। लालू यादव को स्किन पर कुछ घाव भी होने लगे थे, जो आमतौर पर शुगर स्पाइक होने पर मरीज की बॉडी पर हो जाते हैं। शुगर स्पाइक की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे त्वचा पर छोटे-मोटे संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकते हैं और घाव धीरे-धीरे ठीक होते हैं। पिछले साल भी लालू यादव की मुंबई में एंजियोप्लास्टी हुई थी।
शुगर स्पाइक के कारण:
शुगर स्पाइक या ग्लूकोज स्पाइक स्ट्रेस, नींद की कमी, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान की वजह से हो सकता है। जो लोग कार्बोहाइड्रेट युक्त फूड्स खाते हैं, फैट और हाई प्रोटीन इनटेक भी शुगर स्पाइक करता है। प्रोसेस्ड फूड्स, शराब-तंबाकू और सिगरेट का अनियंत्रित सेवन करना और शारीरिक गतिविधियां न करना भी शुगर स्पाइक की वजह है।
शुगर स्पाइक कितना खतरनाक?
शुगर स्पाइक से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस (DKA) नामक स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें मधुमेह मरीजों में इंसुलिन की कमी के कारण खून में कीटोन नामक एक हानिकारक पदार्थ जमने लगता है, जो खून को दूषित करता है। यह एक गंभीर और घातक स्थिति होती है, जिसमें मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है। शुगर स्पाइक होने से दिल की बीमारियां जैसे कि कार्डियो अटैक की संभावनाएं तेज हो जाती हैं। इससे किडनी फेलियर और नर्व डैमेज भी हो सकता है।
शुगर स्पाइक से बचाव के तरीके:
महाराष्ट्र के डॉक्टर नवीन अग्रवाल बताते हैं कि डायबिटीज की खराब स्थिति को शुगर स्पाइक कहा जा सकता है। इस प्रॉब्लम में मरीज के शरीर में शुगर का स्तर तेजी से बढ़ जाता है, तो उसकी जान जाने का खतरा हो सकता है। हालांकि, यह तब मुमकिन है जब किसी का शुगर लेवल 400-500 से ऊपर पहुंच जाए। ये लोग कभी-कभी कोमा में भी जा सकते हैं।
*आज पटना में वक़्फ़ संशोधन विधेयक के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में सम्मिलित हुआ। यह बिल हमारी सांझी विरासत तथा धार्मिक और सामाजिक धरोहर को कमजोर करने के साथ साथ भारत की आत्मा पर हमला है जिसे हम कभी स्वीकार नहीं करेंगे। यह क़ानून हमारे संवैधानिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ है। यह कानून… pic.twitter.com/nvEYlhEfFK
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) March 26, 2025
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