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यंगिस्तान इंडिया, ये हैं युवा भारत के 10 युवा उद्योगपति

मन में हौसला हो तो क्या नहीं हो सकता , अपने ही पंखों को तोड़ कर बाज़ सबसे तेज़ परिंदा बन पाता है, ये खतरा उठाने की हिम्मत कहलाती है | भारत के आकाश में ऐसे कई बाज़ अपनी उड़ानें भरते हैं, जो सभी दुश्वारियों को पीछे छोड़ते हुए , सभी के लिए मिसाल बनते हैं, लोगों को सुविधाएं प्रदान करते हैं और देश को एक उन्नत अर्थव्यवस्था प्रदान करते हैं | आज हम बात करेंगे ऐसे ही दस युवा उद्यमियों की , जिनकी सफलता की कहानियाँ हर किसी के लिए मिसाल हैं |

1. वीएसएस मानी ( जस्ट डायल) :

मानी 1987 में जब यूनाईटेड डाटाबेस इंडिया में काम करते थे, तब उन्होंने सोचा कि इंफोर्मेशन को लोगों के फोन तक पहुंचाना बेहतरीन बिजनेस हो सकता है। मानी ने 1996 में जस्ट डायल की शुरुआत की। उस समय महज 50 हजार रुपए की पूंजी और 6 कर्मचारियों के साथ इसे शुरू किया गया था। 2007 में कंपनी ने अपनी इंटरनेट और मोबाइल इंटरनेट सर्विस लॉच की। । मार्च 2013 की आंकड़ों के अनुसार कंपनी में इस समय 7457 कर्मचारी है। निकट भविष्य में यह गूगल की भारतीय पार्टनर बनने जा रही है

2. रोहित बंसल और कुणाल बहल (स्नेपडील):

फरवरी 2010 में आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र रोहित बंसल और कुनाल बहल ने स्नेप डील की शुरुआत की थी और आज यह देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म है। आज इसके पास करीब 5 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट, 8 लाख से ज्यादा बुक्स और करीब 400 अलग-अलग श्रेणियों में ऑफर प्रोडक्ट्स हैं। तब यह कंपनी सिर्फ डेली बेस पर डील करती थी लेकिन अब कंपनी के पास विदेशी इन्वेस्टर्स भी हैं जिन्होंने करोड़-अरबों का इन्वेस्टमेंट किया हुआ है।

3. सचिन बंसल और बिन्नी बंसल( फ्लिपकार्ट) :

2007 में आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र सचिन बंसल और बिन्नी बंसल ने इसकी शुरुआत की थी। पहले वे अमेजोन डॉट कॉम के लिए काम करते थे। बहुत ही छोटे स्तर से शुरू हुई कंपनी में आज करीब 4500 लोग काम करते हैं। 2011-12 में इसने 500 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया था। फ्लिपकार्ट हर तरह की सुविधाएं देता है। इसकी सफलता का राज सही कीमत और तुरंत डिलेवरी है।

4. अरुन चंद्रमोहन, प्रवीन सिंह और लक्ष्मी पोतलुरी (जबांग ) :

जनवरी 2012 में जबांग की शुरुआत की गयी थी। यह फैशन और लाइफ स्टाइलड सेगमेंट का तेजी से बढ़ती ई-कॉमर्स फर्म है। एक साल में ही इस वेबसाइट ने तेजी से ग्रोथ की। कंपनी का मुख्यालय गुड़गांव में है। कंपनी ने महज 20 माह में रिकार्ड ग्रोथ दर्ज की है।

5. यू एस महेंद्र (हट्टी कापी) :

2009 में हट्टी कापी की स्थापना की गयी थी , जिससे फिल्टर कॉफी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आया | महेंद्र ने दक्षिण भारत में किफायती कीमत में हाई क्वालिटी, विश्वसनीय और शुद्ध फिल्टर कॉफी उपलब्ध करायी। कस्टमर सैटिस्फेक्शन की बदौलत 4 साल से भी कम वक्त में बेंगलुरु में 16 हट्टिस खुल चुके हैं, जिनमें एक बेंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी है।

6. नितिन कामथ (जेरोधा) :

नितिन ने 17 साल की उम्र में कारोबार शुरू किया था , हालांकि 2001 में उन्हें घाटा हुआ मगर इससे उनका इरादा नहीं बदला। उन्होंने 2010 में रिटेल कारोबार को कम कीमत में महत्वपूर्ण जानकारी, अच्छे टूल्स वगैरह उपलब्ध कराकर मजबूत और आसान बनाने के इरादे से जेरोधा की स्थापना की।कंपनी हर रोज 100 से भी कम लोगों की टीम के जरिये 4 हजार करोड़ से ज्यादा का बिजनेस संभालती है। आज ये सबसे तेजी से विकास करने वाली कंपनियों में शामिल है।

7. सौमिल मजूमदार (एडुस्पोर्ट्स ) :

सौमिल के दोस्त की समस्या थी कि उनका बच्चा बाहर खेलने के बजाय टीवी देखना ज्यादा पसंद करता था। इस पर सोचते हुए सौमिल ने 2009 में एडुस्पोर्ट्स की स्थापना की। बेंगलुरू से बाहर स्थापित एडुस्पोर्ट्स देश भर में स्कूलों के साथ मिलकर बेस्ट-इ-क्लास, फीजिकल एजुकेशन और स्पोर्ट्स प्रोग्राम चलाता है। एडुस्पोर्ट्स ये सुनिश्चित करता है बच्चे फीजिकल एक्टिविटी और खेल के जरिये सीखें।शुरुआती 5 साल के ही सफर में एडुस्पोर्ट तेजी से बढ़ते हुए देश भर में 80 से ज्यादा शहरों में 400 से ज्यादा स्कूलों के 2 लाख से ज्यादा बच्चों तक अपनी पहुँच बना चुका है

8. दीपिंदर गोयल, पंकज चड्डा (जोमाटॉ) :

यह एक ऑनलाइन रेस्तरां खोजने वाली साइट है जो भारत, ब्राजील, तुर्की, न्यूजीलैण्ड, फिलीपींस, दक्षिण अफ्रीका, कतर, चिली, पुर्तगाल, यूएई, इंडोनेशिया, यूके कनाडा आदि देशों के नगरों में होम डेलिवरीआदि की सूचना प्रदान करता है।यह साइट दिनों दिन तेज़ी से विस्तार पा रही है

9. सी के कुमारवेल (नेचुरल्स ब्यूटी एंड हेयर सैलून) :

वह चेन्नई में स्टार्टअप ईकोसिस्टम के सुपरस्टार हैं, इन्होने अपने ब्रांड नेचुरल्स ब्यूटी एंड हेयर सैलून को सिर्फ परफार्मेंस की ही ताकत की बदौलत शुरू किया और उसे भारत का सबसे मशहूर हेयर एंड ब्यूटी चेन बना दिया | आज भारतीय उप महाद्वीप में उनके 300+ सैलून हैं। खास बात ये है कि नेचुरल्स के सभी स्टोर्स की मालिक महिला उद्यमी हैं।

10. राजकुमार गुप्ता (मुक्ति ग्रुप) :

राजकुमार गुप्ता मुक्ति ग्रुप के संस्थापक, अध्यक्ष हैं। 1984 में उन्होंने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पहले आवासी अपार्टमेन्ट को लांच किया। कभी 60 रूपये महीने की तनख्वाह पर काम करने वाले राजकुमार अपनी आधुनिक वास्तु सेन्स के फलस्वरूप कोलकाता में हुगली बेल्ट पर बहुमंजिल निवासों का विचार लेकर भी आये। तब से मुक्ति ग्रुप बंगाल में एंटरटेनमेंट हब में मल्टीप्लेक्स, इंटरनेशनल होटल, लाउन्ज, फाइन डायन रेस्टोरेंट के साथ एक बड़ा नाम बनकर उभरा है।

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