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क्या PM मोदी के ये राज़ पता हैं आपको?

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व के बारे में तो हम सभी जानते हैं, राजनीति और प्रशासन नीति में अपना लोहा विश्व भर में मनवा चुके मोदी महज़ एक प्रधानमंत्री ही नहीं बल्कि विविधताओं से भरे जीवन अनुभवों के मालिक हैं | उनके बारे में यूं तो कई रोचक जानकारियां आये दिन सामने आती रहती हैं , मगर हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी बातें जो आपने शायद ही सुनी हों

आइये जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के जीवन से जुडी कुछ ख़ास बातें :

1. मोदी गुजरात के ऐसे मुख्यमंत्री थे जो पहले मुख्यमंत्री बने और बाद में विधायक :

जी हाँ मुख्यमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी को खुद पता नहीं था की पार्टी उनपर इतना बड़ा जिम्मा सौंपने जा रही है , यहां तक कि वे जीवन में कभी विधायक का भी चुनाव नहीं लड़े थे|

2. विशिष्ट जीवन शैली :

नरेन्द्र मोदी अपनी विशिष्ट जीवन शैली के लिये समूचे राजनीतिक हलकों में जाने जाते हैं। उनके व्यक्तिगत स्टाफ में केवल तीन ही लोग रहते हैं, कोई भारी-भरकम अमला नहीं होता। लेकिन कर्मयोगी की तरह जीवन जीने वाले मोदी के स्वभाव से सभी परिचित हैं इस नाते उन्हें अपने कामकाज को अमली जामा पहनाने में कोई दिक्कत पेश नहीं आती।

3.कैलाशी हैं मोदी :

जी हाँ मोदी ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा अपनी युवावस्था में ही तब कर ली थी जब ये बहुत मुश्किल मानी जाती थी, हिंदू मान्यताओं के अनुसार कैलाश मानसरोवर की यात्रा एक बड़ी उपलब्धि होती है

4. तेज याददाश्त :

अपने सचिवालय के सभी अधिकारियों के नाम प्रधानमंत्री को जुबानी याद हैं, ये काफी रोचक है कि कोई इतने नाम कैसे याद रख सकता है , इसका राज़ मोदी ने स्वयं बताया कि संघ के पदाधिकारियों में ये बात आम होती है |

5.सीखना कभी बंद नहीं करते मोदी :

बताते चलें कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में रहते हुए नरेंद्र मोदी कई बार आईआईएम अहमदाबाद जाते रहे हैं और मैनेजमेंट की बारीकियां सीखे हैं |

6.युवाओं से भी युवा हैं मोदी :

वे शायद देश के पहले राजनेता हैं जिन्होंने अभी तक के कार्यकाल में एक भी छुट्टी नहीं ली, और तो और वे दिन में 18 घंटे शासकीय काम करते हैं और अधिकतम पांच घंटे की नींद लेते हैं; वे हमेशा सूर्योदय से पहले उठने वाले प्रधानमंत्री हैं|

7.पैसे का तनिक भी मोह नहीं :

ये सबसे रोचक बात है कि मोदी के पास सम्पत्ति के रूप में एक घर भी नहीं है, उनको मिलने वाली तनख्वाह कन्याओं की पढ़ाई के फण्ड में दान कर दी जाती है |

8.आज़ाद परिंदे रहे हैं मोदी :

मोदी ने 17 साल की आयु में ही घर छोड़ दिया था, वे कभी साधु संतों के साथ हिमालय की पहाड़ियों में रहे, तो कभी बंगाल असम और पूर्व क्षेत्र के जंगलों में, उसके बाद देश भर में आयोजित होने वाले संघ के शिविरों में |

9.बचपन से ही देशभक्ति का जूनून था मोदी को :

जब मोदी 15 साल के थे तब भारत पाकिस्तान में युद्ध छिड़ गया था, उस समय उनके स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ियों में सफर करने वाले भारतीय सैनिकों की सेवा मोदी नि:शुल्क किया करते थे |

10.राजनेता न होते तो साधू बन चुके होते मोदी :

मोदी को हिंदुत्व में इतनी गहरी आस्था है कि वे तरुणाई से ही साधु संतों की टोली में रहते कड़े कड़े उपवास करते, वे भारत के लगभग सभी तीर्थों में रह चुके हैं जिनमेंस इ बैलूर मठ से उन्हें बड़ा लगाव रहा |

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