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जब IAS अधिकारी का पद छोड़ अध्यापक बन गया 24 साल का युवक

समंदर में मोती हैं सब जानते हैं, मगर वो मोती उसे ही मिलते हैं जो छलांग लगाने की हिम्मत रखता है, सोचिये कि आप 24 साल के हैं और आप डॉक्टर बन गए हैं और उसके बाद आपने देश की सर्वोच्च सिविल सर्विस की परीक्षा भी पास कर ली है और आप बतौर आइएएस सहायक जिला कलेक्टर की पद पर नौकरी कर रहे हैं। इसके बाद यदि आप से कोई नौकरी छोड़नी को कहे और टीचर बनने का प्रताव रखे तो आप क्या करेंगे ? जाहिर सी बात है आप इसे मज़ाक से ज्यादा कुछ नहीं समझेंगे क्यों कि लोग इतनी कम उम्र में इतना सबकुछ हासिल करने के बाद ऐसा सोच भी नहीं सकते ; लेकिन रोमन सैनी ने कुछ ऐसा किया जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे।

जी हाँ महज़ 22 साल की उम्र में आईएएस बन जाने के 2 साल बाद रोमन सैनी ने त्यागपत्र दे दिया है , और वो भी टीचर बनने के लिए ।

रोमन सैनी ने आइएएस बनने के बाद दो साल तक जबलपुर में बतौर सहायक कलेक्टर नियुक्त रहे उसके बाद उन्हें न जाने क्या सूझा कि अपने पद से इस्तीफा देकर एक ऐसा पेशा चुना जिसमें ना तो उन्हें डॉक्टर जितना पैसा मिलगा ना ही आइएएस जैसा रूतबा ।

क्यों दिया रोमन ने आईएएस से इस्तीफ़ा:

बकौल रोमन वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि गरीब बच्चों की पढ़ाई के दौरान आने वाली सभी परेशानियों में उनकी मदद कर उनके सपने पूरे करने में उनकी मदद कर सकें , ये सिर्फ कोरी कल्पना नहीं बल्कि अब तक रोमन के पढ़ाये 10 छात्रों ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर भी ली है। रोमन सैनी ने कहा कि उनका उद्देश्य उच्च स्तरीय शिक्षा को सब तक पहुँचाना है और उन्हें लगता है कि ऑफलाइन तरीके से इसे सभी तक पहुँचाना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों की मांग पूरी करने के लिए बहुत बड़े स्तर पर तकनीकी विकास और काबिल लोगों की जरूरत है। इसलिए उन्होंने इस अनअकेडमी के तरीके को चुना है ।रोमन कहते हैं कि उनके दिल में सिविल सेवा के लिए बहुत सम्मान है मगर उन्हें लगता है कि शिक्षा ही देश को आगे ले जा सकती है और इसलिए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में ही आगे काम करने का फैसला किया है।

कैसी है रोमन की पाठशाला:

इनकी पाठशाला का नाम है अनअकेडमी दरसल रोमन सैनी ऑनलाइन ट्यूशन देते हैं, जिसमें उन्होंने माध्यम बनाया है यू ट्यूब को ,वे यू ट्यूब पर उन छात्रों के लिए वीडियो लैक्चर डालते हैं जो डॉक्टर बनना चाहते हैं या सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं या फिर कंप्यूटर प्रोग्रामर्स बनना चाहते हैं। रोमन के इस प्लेटफार्म पर विदेशी भाषाओं के विशेषज्ञ भी हैं। क्यों की ये सब ऑनलाइन है इसलिए रोमन की पाठशाला पूरी तरह मुफ्त है। रोमन की यू ट्यूब पाठशाला पर उनके लैक्चर वीडियोस को एक करोड़ से भी ज्यादा लोग देख रहे हैं ; वहीँ फेसबुक पर भी रोमन के फॉलोवर्स साथ हज़ार का आंकड़ा पार कर चुके हैं

नौकरी छोड़ने के विचार कब आया?

रोमन जब एम्स में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे तभी उनके स्कूल के दोस्त गौरव मुंजाल ने उन्हें इस नए आईडिया के बारे में बताया था । गौरव ने भी बेंगलुरू में बतौर सीईओ शुरूआत करने के बाद नौकरी छोड़कर इस अनअकैडमी डॉट इन कंपनी की शुरूआत की।

रोमन ने बताया आइएएस क्लियर करने के बाद पद छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था उनके परिवारवाले भी इस फैसले से खुश नहीं थे। व्यक्तिगत तौर पर भी उनके लिए ये निर्णय आसान नहीं था फिर भी उन्होंने ये साहसिक कदम उड़ाने का निर्णय लिया ।

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